मथुरा। छात्रवृत्ति घोटाले के बाद समाज कल्याण विभाग ने शासन के निर्देशों के अनुरूप नए सिरे से डाटा जुटाना प्रारंभ कर दिया है। विभाग ने छात्रवृत्ति पाने वाली शिक्षण संस्थाओं से उनके मान्यता संबंधी प्रमाणपत्र तथा उनसे उनके यहां संबंधित कोर्स के सीटों की संख्या भी मांगी है। जानकारी रहे छात्रवृत्ति घोटाले में कुछ फर्जी शिक्षण संस्थाएं भी प्रकाश में आई थीं। जिन शिक्षण संस्थाओं द्वारा छात्रवृत्ति निकाली गई थी उन्होंने कोर्स की सीटों में भी गड़बड़ी की थी।
समाज कल्याण विभाग ने ऑनलाइन दिख रहीं करीब 563 शिक्षण संस्थाओं से उनके मान्यता संबंधी प्रमाणपत्र मांगे हैं। सोमवार को यह पत्र संस्थाओं को जारी कर दिया गया। इसके साथ ही यह भी पूछा गया है कि उनके यहां पर कौन-कौन से कोर्स हैं और उनमें कितनी सीटें हैं। विभाग को जब इन शिक्षण संस्थाओं का डाटा मिल जाएगा तो आगे की कार्रवाई शुरू करेगा। जानकारी रहे जनपद में 563 शिक्षण संस्थाओं में 1532 से अधिक कोर्स हैं, जिनमें छात्र अध्ययनरत हैं। यह जानकारी इंचार्ज समाज कल्याण अधिकारी रमा शंकर गुप्ता ने देते हुए बताया कि हम फिलहाल पत्र जारी कर रहे हैं। पत्र के सापेक्ष जो भी जानकारी आएगी उस पर विभागीय कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे।
समाज कल्याण विभाग के पास नहीं कोई बाबू
विगत दिनों छात्रवृत्ति घोटाले में लिप्त विभाग के दो बाबुओं को भी निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद विभाग के पास सिर्फ दो बाबू रह गए वह भी कैंसरग्रस्त होने के कारण अस्पताल मेें भर्ती हैं। विभाग के पास अब कोई लिपिक नहीं है। इंचार्ज समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि फिलहाल वह स्वयं किसी प्रकार से विभागीय कार्यों को कर रहे हैं।