प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने मथुरा की महाराजा अग्रसेन प्रिंटिंग प्रेस पर भी छापा मारा। इस प्रेस का कल्पतरु ग्रुप से कनेक्शन रहा है। इस ग्रुप के समाचार पत्र यहीं पर छपते थे।
मथुरा में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बुधवार को सदर थाना क्षेत्र स्थित कृष्णापुरी चौराहे से सटे मैनागढ़ क्षेत्र में महाराजा अग्रसेन प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा। सुबह से लेकर रात तक टीम घर के अंदर कागजातों को खंगालती रही। मामला कल्पतरू समूह से जुड़ा है। इस समूह के अखबार एवं अन्य दस्तावेज वर्ष 2007 एवं 2008 में इसी प्रिंटिंग प्रेस में छपते रहे थे।
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बुधवार की सुबह 5.30 बजे लखनऊ और नोएडा नंबर की दो गाड़ियां कृष्णापुरी की महाराजा अग्रसेन प्रिंटिंग प्रेस के सामने आकर रुकी। यहां फ्सर्ट फ्लोर पर कौशल अग्रवाल का परिवार रहता है जबकि ग्राउंड फ्लोर पर प्रेस है। ईडी की टीम सीधे प्रेस में जा घुसी। हालांकि आसपास के लोगों ने बदमाशों के होने की आशंका को लेकर पुलिस को सूचित कर दिया। डायल 100 की गाड़ी भी मौके पर पहुंची। यहां जाकर पुलिस को पता चला कि टीम प्रवर्तन निदेशालय की है। इसके बाद पुलिस वापस लौट आई। पूरे दिन टीम ने किसी को घर के अंदर नहीं आने दिया और न ही किसी को बाहर जाने दिया। बच्चों को स्कूल तक नहीं जाने दिया गया। सीआरपीएफ के जवानों ने बिल्डिंग को सामने से घेर लिया। देर रात तक टीम के सदस्य घर के अंदर कागजातों को खंगालने में जुटे हुए थे।
तरह तरह की चर्चाएं
सुबह लोगो ने घर के बाहर सीआरपीएफ के जवानों को देखा तो शहर में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी। चर्चा कि प्रिंटिंग प्रेस में छापा आगरा के प्रखर गर्ग से जुड़ा हुआ है। चर्चा है कि प्रिंटिंग प्रेस संचालक की रिश्तेदारी आगरा के समीर के यहां है और समीर प्रखर गर्ग से जुड़ा हुआ है। इसी लिए ईडी की टीम का छापा पड़ा है। इधर, ईडी की कार्रवाई की जानकारी जैसे-जैसे शहर के कारोबारियों में हुई तो उनमें भी हड़कंप मच गया। देर रात तक टीम घर के अंदर कार्यवाही करने में जुटी हुई थी।
तीन भाई मिलकर करते हैं प्रिंटिंग प्रेस का संचालन
महाराजा अग्रसेन प्रिंटिंग प्रेस का संचालन कौशल अग्रवाल, मनमोहन और विवेक अग्रवाल तीनों भाई मिलकर करते हैं। महाराजा अग्रसेन प्रिटिंग प्रेस शहर की काफी पुरानी प्रिंटिंग प्रेस है। संचालक कौशल अग्रवाल ने बताया कि वह किसी प्रखर गर्ग को नहीं जानते हैं। वह घर पर नहीं है, घर पर किसी से बात भी नहीं हो पा रही है। हालांकि उन्होंने बताया कि उनके यहां शुरुआती दौर में कल्पतरू अखबार और उनके अन्य दस्तावेज छपते रहे हैं।