मथुरा। कड़ाके की ठंड शुरू नहीं है मगर शहर की हवा जहरीली होती जा रही है। शहर में निर्माण कार्यों के दौरान धूल के गुबार उड़ रहे हैं तो वहीं पराली जलाने की घटनाएं भी नहीं रुक रही हैं। यही कारण है कि बृहस्पवितार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 192 पर पहुंच गया। शाम को यह 202 पर पहुंच गया। दमा रोगियों के लिए यह हवा समस्या पैदा करने वाली है।
जिले में जहां अक्तूबर में पराली जलाने के कारण हवा जहरीली हो गई थी। अब शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों के दौरान बरती जा रही लापरवाही से लोगों का बुरा हाल है। पिछले दिनों जहां होली गेट पर सड़क निर्माण के कार्य के कारण धूल उड़ रही थी तो वहीं अब कलक्ट्रेट रोड पर निकलना दूभर हो गया है। यहां पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है। पूरे दिन धूल के गुबार के कारण यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। यहां पूरे दिन पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों का आवागमन बना रहता है। इसके बाद भी कार्यदायी संस्था पानी की छिड़काव तक नहीं करा रही है। यही हाल जिले में चल रही ज्यादातर निर्माण इकाइयों का है। इसके कारण हवा जहरीली हो गई है। चिकित्सकों के मुताबिक, दमा और अस्थमा रोगियों के लिए यह नुकसानदेह है। उन्हें खुले में टहलने से दिक्कतें आ सकती हैं।