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Mathura: अक्षय पुण्य पाने को मानव शृंखला बना पंचकोसीय मार्ग, हर तरफ राधे-राधे श्याम मिला दे की गूंज

Mon, 11 Nov 2024 12:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

अक्षय नवमी परमथुरा की पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग पर भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। परिक्रमार्थियों ने अक्षय पुण्य प्राप्ति के लिए नंगे पैर राधे-राधे के जयकारे लगाते हुए प्रभु भक्ति में लीन होकर परिक्रमा शुरू की। परिक्रमा मार्ग पर देरशाम तक मानव श्रृंखला नहीं टूटी। 
 
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परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हर तरफ राधे-राधे श्याम मिला दे की गूंज सुनाई दे रही थी। परिक्रमा मार्ग में बनी लंबी मानव शृंखला रुकने का नाम नहीं ले रही थी। चारों ओर भक्ति की बयार बह रही थी। बच्चे क्या बुजुर्ग हर कोई भक्ति में गोते लगाते हुए परिक्रमा मार्ग में आगे बढ़ रहा था। नजारा था रविवार को अक्षय नवमी पर साल में एक बार मथुरा की लगने वाली पंचकोसीय परिक्रमा का।
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भोर की पहली किरण से ही श्रद्धालुओं ने परिक्रमा शुरू कर दी। धार्मिक मान्यता है कि अक्षय नवमी पर मथुरा की परिक्रमा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। देर रात तक श्रद्धालु परिक्रमा लगाते रहे। परिक्रमा मार्ग में अव्यवस्थाएं भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक पाईं। भक्त प्रभु की भक्ति में सराबोर थे। श्रद्धालु टोलियों में मथुरा और तीन वन की परिक्रमा लगा रहे थे। मथुरा के साथ ही हाथरस, दिल्ली, राजस्थान, कासगंज, मुरादाबाद, अलीगढ़, मध्यप्रदेश, हरियाणा आदि के श्रद्धालुओं ने भी परिक्रमा लगाई। नगर निगम ने परिक्रमा मार्ग में सफाई कराने के दावा किया था लेकिन भूतेश्वर, आकाशवाणी, स्वामी घाट, यमुना किनारे आदि स्थानों पर श्रद्धालुओं को गंदगी से निकलना पड़ा।

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दिन चढ़ने के साथ बढ़ता रहा आस्था का सैलाब
दिन चढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या में भी वृद्धि होती रही। जगह-जगह गन्ना, मूली, फलसा, गाजर आदि खाने के लिए भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। महिलाओं ने चाट का भी आनंद लिया। कई स्थानों पर मेले जैसा नजारा रहा। समाजसेवियों ने आलू-पूड़ी, फल, चाय, प्याऊ लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा की। श्रद्धालुओं ने परंपरा के अनुसार आंवले की पूजा भी की।
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