मथुरा। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में मऊ-पिपरी डीह–दुल्लाहपुर और मऊ–खुराहट खंड पर दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। इसके चलते बड़े पैमाने पर ट्रेनों के निरस्तीकरण, मार्ग परिवर्तन और आंशिक निरस्तीकरण/ओरिजिनेशन का असर मथुरा और आसपास के यात्रियों पर पड़ने वाला है। 8 से 18 दिसंबर के बीच कई प्रमुख लंबी दूरी की गाड़ियों के संचालन में बदलाव किए गए हैं।
मऊ रूट पर चल रहे एनआई कार्य के कारण 14 से अधिक प्रमुख ट्रेनें वैकल्पिक मार्गों से चलाई जाएंगी। इनमें दरभंगा–अहमदाबाद (09466, 19166), सीतामढ़ी–आनंद विहार (14005), थावे–सूरत (19046), लोकमान्य तिलक–गोरखपुर (15017), लोकमान्य तिलक–छपरा (11059) जैसी गाड़ियाँ शामिल हैं। मार्ग परिवर्तन के कारण इन ट्रेनों के मऊ, आज़मगढ़, भटनी, बेलथरा रोड, दुल्लाहपुर व आसपास के कई स्टेशनों पर ठहराव नहीं रहेगा। ऐसे यात्री जिन्हें इन स्टेशनों से यात्रा करनी थी, उन्हें अब लंबी दूरी तय कर वैकल्पिक स्टेशन से ट्रेन पकड़नी होगी।
इसके अलावा वडोदरा–मऊ (09195/96) और प्रयागराज–मुजफ्फरपुर (14111/12) जैसी ट्रेनें 15–17 दिसंबर के बीच पूरी तरह निरस्त रहेंगी। वहीं 20103/20104 (लोकमान्य तिलक–आजमगढ़) समेत कई ट्रेनों को गोरखपुर, वाराणसी, बनारस और गाजीपुर सिटी जैसे स्टेशनों पर शॉर्ट–टर्मिनेट या शॉर्ट–ओरिजिनेट किया जाएगा। इससे पूर्वांचल और मुंबई–गुजरात रूट पर जाने वाले यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
मथुरा से पूर्वांचल, बिहार, गोरखपुर, आज़मगढ़ और मुंबई जाने वाले यात्रियों की सबसे अधिक भीड़ रहती है। ऐसे में ट्रेनों की रद्दीकरण सूची सामने आने के बाद बस स्टैंड और अन्य मार्गों पर अतिरिक्त भीड़ बढ़ने की आशंका है। वहीं दिसंबर में शादियों और त्योहारों के कारण पहले से ही टिकट मुश्किल से मिल रहे थे, अब इन बदलावों से लोगों का यात्रा करना और चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।