मथुरा। डबल मर्डर में पुलिस पर दबाव बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को होलीगेट पर एकत्रित हुए परिजन और शुभचिंतकों ने जैसे ही कैंडल मार्च निकालना चाहा भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया। कुछ आगे चलकर उन्होंने सभी शांतिपूर्वक कैंडल मार्च निकालते हुए विश्राम घाट तक पहुंचे। जहां पहुंचकर मृतकों की आत्मा की शांति तथा मृतकों के परिजन को मुआवजा तथा अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग की।
कैंडल मार्च के नाम पर कहीं उत्तेजित लोग अशांति न कर दें इसके लिए पुलिस पहले से ही तैयार थी। जिसके चलते होलीगेट पर कई थानों के अलावा पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। शाम करीब छह बजे जैसे ही लोग होलीगेट पर एकत्रित हुए पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया तथा कैंडल मार्च न निकालने को कहा।
पुलिस के विरोध के बाद भी छत्ता बाजार की तरफ बढ़ते हुए भीड़ मोमबत्ती जलाकर विश्राम घाट तक पहुंच गई। जहां पर पहुंचकर यमुना किनारे सभी ने मोमबत्ती रखकर मृतकों की आत्मा की शांति को प्रार्थना की। इस दौरान लोकदल के शहर अध्यक्ष गौरव चतुर्वेदी एडवोकेट, समाज के सरदार कांतानाथ चतुर्वेदी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो समाज के लोग पुन: एकत्रित होंगे और आंदोलन करेंगे।
कैंडल मार्च में मृतक बसंत चतुर्वेदी तथा सुंदर चतुर्वेदी के घर की महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। उनके अलावा रमाकांत चतुर्वेदी, कृष्णकांत चतुर्वेदी, गौरव चतुर्वेदी, चोटिल केदारनाथ चतुर्वेदी, दयानंद चतुर्वेदी का बेटा बिरजानंद, अशोक चतुर्वेदी, अमित अशोक चतुर्वेदी, देवेंद्र चतुर्वेदी, रामराज्य परिषद के राजीव चतुर्वेदी, नीरज चतुर्वेदी, आनंद चतुर्वेदी, राहुल चतुर्वेदी, दाऊजी चतुर्वेदी, नीरज चतुर्वेदी आदि शामिल थे।
मृतकों के घर पहुंच महापौर ने दी शोक संवेदनाएं
मृतकों के परिजन के घर पहुंचकर महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु ने शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। डबल मर्डर में हमलावरों के शिकार हुए सुंदर तथा बसंत चतुर्वेदी के घर गए तथा परिजन के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।