बीते कई दिनों से सूरज की तपिश झेल शहर को झमाझम बरसात राहत दी। 15 मिमी बारिश तीन डिग्री गिरे तापमान ने मौसम सुहाना कर दिया था। इस दौरान लोगों के चेहरे तो खिले लेकिन जगह-जगह जलभराव ने मुसीबत खड़ी कर दीं। पॉश कालोनी के घरों और बाजार की दुकानों में पानी घुस गया। शहर के एंट्री प्वाइंट पर आवागमन ठप रहा।
गुरुवार को सुबह से ही बरसात ने झमाझम और रिमझिम का खेल शुरू कर दिया। लोग अपने घरों और आसपास बरसात का आनंद लेते नजर आए लेकिन दिनचर्या पटरी से उतर गई। बरसात के चलते लोग घरों में ही कैद होकर रह गए। बूंदों ने गरमी से राहत दी तो जलभराव ने लोगों के सामने मुसीबत खड़ी कर दीं।
पुराने, नए बस स्टैंड के निकट रेलवे पुल और भूतेश्वर रेलवे पुल के नीचे रास्तों पर जलभराव होने से शहर का आवागमन ठप हो गया। अनेक वाहन पुलों के नीचे फंस गए। शहर की पॉश कालोनी डैंपियर नगर, राधानगर, कृष्णानगर, महोली रोड की मानस नगर, बलदेव पुरी, माधवपुरी सहित 24 कालोनियों और व्यस्तम बाजारों की दुकानों में बरसात का पानी घुस गया।
इसके चलते लाखों रुपये का नुकसान हुआ। विकास बाजार के सामने, क्वालिटी चौराहा, डैंपियर नगर, सौंख अड्डा, भैंस बहोरा, कोतवाली रोड पर गड्डों में भरा पानी लोगों के गिरने का कारण बना। राया शोध केंद्र प्रभारी डा. श्याम सुंदर शर्मा ने बताया गुरुवार को 15 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई। दिन के तापमान में तीन डिग्री की बड़ी गिरावट हुई। गुरुवार को दिन का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उफन पड़े नाले
मानसून से पहले व्यवस्थाओं को लेकर जो ढिंढोरा पालिका पीट रही थी, उसकी पोल बरसात ने खोल दी। शहर के सभी नाले उफन पड़े और उनका पानी सड़कों पर आ गया। कीचड़ और गंदगी ने सड़कों की शक्ल ही बदल दी।
कृषि मंडी में जलभराव
हाईवे स्थित कृषिमंडी परिसर पानी से लबालब था। कई स्थानों पर आड़तियों की दुकानों में पानी घुस गया। इसके चलते मंडी की गतिविधियां ठहरी रहीं।
जिंदगी लगाई दांव पर
पालिका प्रशासन की लापरवाही के कारण राहगीरों को अपनी जिंदगी दांव पर लगानी पड़ी। जलभराव के कारण नए बस स्टैंड का रास्ता तय करने के लिए लोगों ने दिल्ली-आगरा रेलवे लाइन का सहारा लिया। पल-पल में गुजरी ट्रेनों के बीच लोगों को यह दूरी तय करनी पड़ी। बदहाली से जूझते लोग प्रशासनिक अफसरों को कोसते नजर आए।
विधायक ने प्रशासन-पालिका को कोसा
बलदेव के विधायक पूरन प्रकाश ने गुरुवार को शहर के हालात पर जिला प्रशासन और पालिका को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सभी आंख बंद कर बैठे हैं। डीएम और चेयरमैन को शहर की हालत नजर नहीं आ रही। पहली ही बरसात में शहर के सभी रास्ते बंद हो गए। चंद कदमों की दूरी लोगाें ने कोसों सफर के बाद तय की।
यहां हुआ जलभराव
- नया बस स्टैंड, भूतेश्वर और पुराने बस स्टैंड रेलवे पुल के नीचे
- बीएसए कालेज रोड, सौंख रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग पर
- महोली रोड की दो दर्जन कालोनियों के साथ सड़क पर भरा पानी
- डैंपियर नगर, क्वालिटी तिराहे से लेकर भगत सिंह पार्क तक
- चौक बाजार, स्वामी घाट, विश्राम घाट, छत्ता बाजार, होलीगेट तक
- आर्य समाज रोड से होली गेट और मथुरा-आगरा रोड
- हाईवे से सटी पांच दर्जन कालोनियों के घरों में घुसा पानी