चिकित्सकों का समय पर ओपीडी में न आना पुरानी समस्या है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिये करीब दो साल पहले बायोमेट्रिक हाजिरी की योजना तैयार हुई थी। लेकिन ये योजना फाइलाें में ही दबी रह गई। अब इस समस्या से छुटकारा दिलाने की पहल हो रही है।
सरकारी अस्पताल में डॉक्टर समय पर नहीं आते हैं। इसका खामियाजा मरीजों और तीमारदारों को भुगतना पड़ता है। जिला अस्पताल में भी बायोमेट्रिक हाजिरी की पुरानी फाइल से धूल साफ हो गई है।
जिला अस्पताल प्रशासन ने पुरानी फाइलों को निकाल कर क्रियांवयन की तैयारी शुरु कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.अनूप कुमार अंबेश ने बताया हम अपने अस्पताल में ये व्यवस्था एक अप्रैल से लागू करने जा रहे हैं। इसके लिये सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। पूर्व में जब ये योजना बनी थी, उस समय लागू क्यों नहीं हो सकी इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.आरके नैय्यर ने बताया कि उनके यहां भी सभी सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बायोमेट्रिक हाजिरी की तैयारी की जा रही है। शासन की प्राथमिकता वाले बिंदुओं के लिये दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बायोमेट्रिक हाजिरी के लिये शासन के पत्र का इंतजार है।