फूड प्वॉइजनिंग के बाद राधाकुंड स्थित कालोनी राधानगर में मचे हाहाकार से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सीएमओ, एसडीएम और चिकित्सकीय टीमों ने कालोनी में डेरा डाल दिया है। गुरुवार को 190 रोगियों का उपचार किया गया। छह की हालत गंभीर बताई गई है, इन्हें रेफर कर दिया गया।
गौरतलब है राधानगर में रहने वाले बंगाली परिवारों के सदस्यों को अन्नकूट का प्रसाद खाने के बाद उल्टी, दस्त होने लगे। इसकी चपेट में करीब 200 लोग आ गए। रात भर उल्टी, दस्त के मरीज स्थानीय अस्पतालों में पहुंचते रहे। कई को गोवर्धन, मथुरा के अस्पतालों में रेफर किया गया। इसमें एक की मौत भी हो गई।
इसकी सूचना पर कालोनी में स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंच गईं और पीड़ितों को उपचार दिया। स्थिति बिगड़ती देख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विवेक मिश्रा, एसडीएम एमपी सिंह, सीएचसी प्रभारी डा. मुनीष पौरुष आदि चिकित्सकों की कई टीम प्रभावित क्षेत्र में पहुंच कर उपचार में जुट गईं। इस दौरान जगह-जगह कैंप लगाकर दवाएं बांटी जा रही हैं।
कंट्रोल रूम से चिकित्सकों की टीम का नेतृत्व कर रहे डा. मेघश्याम गौतम ने बताया कि गुरुवार को 190 रोगी देखे गए इनमें छह की हालत गंभीर है। सभी गंभीर रोगी राधा भौमिक, नारायन दास, खुशी सरकार, लक्खी दास, सुधा दासी, भौमिक दासी को गोवर्धन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया है। उनकी टीम में अनिल चौधरी, बहादुर, मलखान, ललित आदि थे। विधायक राजकुमार रावत ने मरीजों का हाल जाना। मृतक के परिवारीजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाए जाने का भरोसा दिलाया।
अस्पतालों में बेड का टोटा, मथुरा किए रेफर
राधाकुंड में फूड प्वॉइजनिंग के बाद स्थानीय अस्पताल और सरकारी अस्पतालों में बेड का टोटा पड़ गया। इसके चलते मरीजों को जिला अस्पताल भी भेजा गया। फूड प्वॉइजनिंग के अचानक बीमार हुए 200 रोगियों के बाद राधाकुंड के निजी अस्पतालों के बेड भी फुल हो गए। इसके बाद मरीजों को गोवर्धन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। प्रभारी डा. मुनीष पौरुष ने बताया उनके यहां 22 से अधिक रोगी आए इसमें से अरुण मंडल, आरती मुकंद, पिंकी, चारु, जमुना देवी, गुरुदयाल आदि रोगियों को मथुरा रेफर किया गया।