मथुरा। जिला अस्पताल की ओपीडी खत्म होने के बाद चिकित्सक मुख्यालय छोड़ देते हैं। जबकि शासन का आदेश है कि कोई भी चिकित्सक मुख्यालय छोड़कर नहीं जाएगा। चिकित्सकों के मुख्यालय छोड़ने का खामियाजा बड़ी घटना होने पर घायलों को भुगतना पड़ता है। चिकित्सकों की कमी के कारण उन्हें आगरा व अन्य स्थानों पर रेफर किया जाता है।
जिला अस्पताल के कुछ चिकित्सकों को छोड़ दें तो अन्य चिकित्सक ओपीडी खत्म होने के बाद मुख्यालय छोड़कर चले जाते हैं। इसमें से कुछ चिकित्सक तो ऐसे हैं जो कि जिले में ही नहीं रहते हैं। आगरा, हाथरस, अलीगढ़ के रहने वाले चिकित्सक रोजाना अस्पताल आते हैं और दो बजे के बाद अपने घर चले जाते हैं। इसके कारण जब कोई बड़ी घटना हो जाती है तो घायलों की संख्या अधिक होती है तो जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी पड़ जाती है। चिकित्सकों को अस्पताल आने में भी समय लगता है। हालांकि सरकार द्वारा चिकित्सकों को किराए के मकान में रहने के लिए धनराशि दी जाती है। इसके बाद भी चिकित्सक मुख्यालय पर नहीं रहते हैं।
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अधिकांश चिकित्सक शहर में ही रहते हैं, कुछ चिकित्सक ऐसे हैं जो आसपास के शहरों से रोजाना ड्यूटी करते हैं। सभी चिकित्सकों को शहर में किराए पर मकान लेकर रहने के निर्देश दे रखे हैं। जिन चिकित्सकों का शहर में निवास स्थान नहीं है उन्हें पत्र जारी किया जाएगा।
- डॉ. नीरज कुमार, सीएमएस