सरकारी आदेश के बाद भी जिले के अस्पतालों में डॉक्टर निवास नहीं कर रहे हैं। ग्रामीण अंचलों का भी यही हाल है। ऐसे में इमरजेंसी के समय स्वास्थ्य सेवाएं बिखरने का भय बना हुआ है। अधिकतर चिकित्सक दूसरे जिलों से ड्यूटी करने आ रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अस्पताल आने में ही कई घंटे लग जाएंगे। ऐसे में घायल की जान भी जा सकती है।
सरकार का आदेश है कि जिस चिकित्सक की तैनाती जिस अस्पताल में है वो वहीं पर निवास करे। इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक आवास भी बनाए गए हैं। हालात यह हैं कि जिले में अधिकांश चिकित्सक आगरा और हाथरस से आ रहे हैं।
मरीजों को देखने के बाद वह अपने घर लौट जाते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरके नैय्यर ने बताया कि उनके निरीक्षण में भी ये बात सामने आई है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक नहीं रह रहे हैं। इसके लिए आवास आवंटन पत्रों को मंगवाया जा रहा है।
इधर, जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. अनूप अंबेश ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सक आवास नहीं है लेकिन सभी चिकित्सक मुख्यालय पर भी निवास करते हैं। जिन्हें कभी भी एक कॉल पर बुलाया जा सकता है।