परिजन का आरोप है कि चिकित्सक द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद बालक की हालत बिगड़ गई। इसके बाद उसे दूसरे चिकित्सक के पास ले गए, जहां चिकित्सकों ने बालक को मृत घोषित कर दिया। मामले में पुलिस ने भी प्राथमिकी दर्ज की है।
मथुरा के मांट कस्बे के नया नगला निवासी पांच वर्षीय बालक की इलाज के दौरान मौत के बाद बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग ने निजी क्लीनिक को सील किया है। बच्चे के परिजन ने चिकित्सक के खिलाफ गलत इलाज का आरोप लगाया था। उधर, पुलिस ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी की तहरीर पर अपंजीकृत चिकित्सक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत जाबरा के मजरा नया नगला निवासी रामगोपाल बुधवार को अपने पांच वर्षीय पुत्र निखिल को बुखार होने पर कस्बा स्थित निरंजन कुमार विश्वास के क्लीनिक पर इलाज के लिए लेकर गए थे। परिजन का आरोप है कि चिकित्सक द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद बालक की हालत बिगड़ गई। इसके बाद उसे दूसरे चिकित्सक के पास ले गए, जहां चिकित्सकों ने बालक को मृत घोषित कर दिया।
मामले की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। उधर, बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मांट के अधीक्षक डॉ. जीतेश तिवारी ने संबंधित क्लीनिक का निरीक्षण कर उसे सील करा दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर चिकित्सक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।सीएचसी अधीक्षक डॉ. जीतेश तिवारी ने बताया कि जांच की जा रही है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीओ अमर नाथ यादव ने बताया कि अभी तक परिजन द्वारा तहरीर नहीं दी गई है। सीएचसी अधीक्षक की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।