ब्रज में आने वाले श्रद्धालु ब्रजभूमि का आनंद उठाने के साथ ही योगेश्वर श्रीकृष्ण की लीलाओं का भी लुत्फ ले सकेंगे। भगवान श्रीकृष्ण के चरित्र को समझने के साथ ही विश्व प्रसिद्ध राधा और गोपियों के साथ उनके महारास की झांकी देख सकेंगे।
इसके लिए सांसद हेमामालिनी की पहल पर कृष्णा थीम पार्क के लिए प्रशासन ने पर्यटन विभाग को भूमि आवंटन के लिए प्रस्ताव भेजा है।
गौरतलब है कि सांसद ने मथुरा पानीगांव रोड पर कृष्णा थीम पार्क के लिए भूमि को चिह्नित किया है। उनके निर्णय से सहमत होते हुए जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर कुल 43 एकड़ भूमि आवंटन करने का अनुरोध किया है।
इस थीम पार्क में प्रवेश करने के साथ ही श्रद्धालु पूरी तरह भगवान श्रीकृष्ण और राधामय हो जाएगा। यहां ऑडियो और वीडियो के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन की लीलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
सांसद प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा ने बताया कृष्णा थीम पार्क सांसद का ख्वाब है। इसे पूरा करने के लिए खुद भारत सरकार के पर्यटन मंत्री ने प्रदेश के पर्यटन मंत्री को पत्र लिखा है।
इसके साथ ही सांसद भी मुख्यमंत्री के सामने इस प्रस्ताव को रख चुकी हैं। इस पार्क में म्यूजिकल फाउंटेन, झूले और भी मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। पार्क में एक हॉल भी होगा जिसमें भक्त शांति के साथ प्रभु स्मरण कर सकेंगे।
हाईराइज भवनों को देख खफा हैं सांसद
ब्रज के प्राचीन स्वरूप को बचाने के लिए सांसद ने प्राचीन मंदिरों के निकट ऊंची इमारतों पर आपत्ति जताई है। इससे उन्होंने जिला प्रशासन को भी अवगत कराया है। प्रशासन भी उनके इस सुझाव से सहमत है।
भरोसा दिलाया गया है कि जल्द ही मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण अपनी बोर्ड बैठक में इस आशय का प्रस्ताव पास कराएगा ताकि हाईराइज भवनों के निर्माण पर रोक को कानूनी ताकत मिल सके। उन्होंने वृंदावन के बिगड़ते स्वरूप पर भी चिंता जाहिर की थी।
उनका मानना है कि वृंदावन अब वन नहीं कंकरीट का शहर हो गया है। अब उनकी इच्छा यमुना एक्सप्रेसवे और यमुना के बीच प्रस्तावित कान्हा थीम पार्क को कंकरीट का शहर न बनाकर वास्तविक ब्रज का स्वरूप देने की है।
कृष्णा थीम पार्क के लिए पहले भी हुए हैं प्रयास
कृष्णा थीम पार्क के लिए सांसद हेमामालिनी से पहले भी सरकारी स्तर पर प्रयास किए गए, लेकिन यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी। करीब एक दशक पहले इस पार्क को गोकुल बैराज के निकट सिंचाई विभाग की जमीन पर तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया था।
बाद में यह प्रस्ताव बरसाना के लिए भी आया। चार साल पहले मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने इसे पानी गांव में साकार करने की योजना बनाई, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे फिर टाल दिया गया। अब सांसद हेमामालिनी की पहल रंग ला सकती है।