जिला पंचायत की बैठक में एक बार फिर हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्य तीखी बहस के बीच आमने-सामने नजर गए। इस विरोधाभास के बावजूद शनिवार को जिला पंचायत ने 18 करोड़ के विकास कार्य और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के प्रस्तावों पर मोहर लगा दी।
जिला पंचायत सभागार में नवगठित बोर्ड की ये पहली बैठक थी। इसमें एक बार फिर शपथ ग्रहण के विवाद को उठाया गया। यह प्रश्न छाता के विधायक ठाकुर तेजपाल सिंह ने उठाया तो सत्ता पक्ष ने शपथ ग्रहण के दौरान उनके अनुपस्थित रहने की बात कहते हुए इसे खारिज करने की कोशिश की।
इस पर मांट के विधायक श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि उनकी मौजूदगी में संवैधानिक व्यवस्था के विपरीत शपथ ग्रहण हुई थी। इसे लेकर हंगामा होने लगा। इस स्थिति में सत्ता पक्ष ने दोनों विधायकों की इस आपत्ति को दर्ज करने से भी मना कर दिया।
इसके बाद जिला पंचायत के विकास मद में आए 18 करोड़ की राशि के उपयोग पर भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ। विधायक श्याम सुंदर शर्मा का मत था कि इसका उपयोग सभी वार्ड में समान रूप से कराया जाए। इसे खारिज करते हुए सत्ता पक्ष ने इसके लिए अध्यक्ष को अधिकृत करने की बात रखी।
इस पर भी जमकर दोनों ओर से तीखी बयानबाजी की गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत 8 सड़कों के निर्माण के प्रस्ताव भी बैठक में रखे गए।
इस तरह करीब एक घंटे तक चली जिला पंचायत की बैठक में विरोध और बयानबाजी होती रही। हालांकि इसका दायरा नामित सदस्य विधायक और अध्यक्ष के परिजन सदस्यों के बीच ही ज्यादा नजर आया। बैठक की अध्यक्षता ममता चौधरी ने की। बलदेव के विधायक पूरन प्रकाश, प्रभारी सीडीओ डीडीओ उमेश त्यागी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जिला पंचायत के सदस्य बैठक में मौजूद रहे।
अब हमें भी चलाने दो जिला पंचायत...
जिला पंचायत की बैठक खत्म होने के बाद जैसे ही विधायक श्याम सुंदर शर्मा, ठाकुर तेजपाल सिंह के साथ सभागार से बाहर निकले तो जिला पंचायत सदस्य नरदेव सिंह ने हाथ जोड़ते हुए उनसे कहा कि 20 साल से जिला पंचायत आपके पास है, अब तो हमें चलाने दो। इस पर पूर्व मंत्री का स्नेह मिलते ही नरदेव सिंह ने उनके पैर छू लिए। लेकिन, इसी दौरान किसी की टिप्पणी से पूर्व मंत्री को गुस्सा भी आ गया।