समय से पूर्व बंद हुए बांकेबिहारी मंदिर के पट
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
बिजली चेकिंग के नाम पर 50000 की रिश्वत के मामले का निपटारा मंगलवार को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की चौखट पर होने का मामला गरमा गया है। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की प्रबंध कमेटी इस प्रकार के निपटारे को मंदिर की परंपराओं और मर्यादाओं के साथ खिलवाड़ बता रही है। कमेटी ने मामले में विधिक राय के बाद दोनों ही पक्षों पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
बता दें कि ब्रज के प्रसिद्ध भजन गायक रसिका पागल ने आरोप लगाया था कि गोधूलिपुरम स्थित उनके आश्रम से बिजली विभाग के पूर्व ठेकेदार ताराचंद्र चेकिंग और बिजली चोरी के मामले को रफादफा कराने के लिए उनके शिष्यज्ञानदास से 50000 रुपये ले गए थे। उस वक्त रसिका पागल वृंदावन में नहीं थे। लौटकर आने पर उन्होंने विद्युत विभाग के कार्यालय में हंगामा किया तो मामला ठाकुर बांकेबिहारी महाराज की चौखट पर पहुंच गया।
रिश्वत लेने के आरोपी ताराचंद्र ने 50000 रुपये ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की चौखट पर रखते हुए ज्ञानदास से रकम उठाने की बात कही। ज्ञानदास ने तो रकम नहीं उठाई बल्कि के रसिका पागल के भक्त रवि खुराना ने रकम उठा ली। इसके बाद मामला निपट गया, लेकिन मंदिर प्रबंधन को निपटारे का यह तरीका गलत बता रहा है। मंदिर प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु का कहना है कि आपसी विवादों में ठाकुरजी को बीच में लाना गलत है। कमेटी इसके लिए आपसी विचार कर उचित कदम उठाएगी।
वहीं कमेटी के सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी दिनेश गोस्वामी ने कहा कि दोनों पक्षों ने मंदिर की प्रथा, परंपरा और मर्यादा का मखौल उड़ाया है। मंदिर परिसर में रखी गई किसी भी भेंट पर मंदिर प्रबंधन का अधिकार होता है। उपाध्यक्ष रजत गोस्वामी ने कहा कि बिना मंदिर प्रबंधन की स्वीकृति से इस प्रकार का कार्य करना गलत है। कमेटी विधिक राय लेकर दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।