पंचायत चुनावों में प्रधान व पंचायत सदस्य पद के लिए हुए पहले चरण के मतदान के लिए बीएलओ द्वारा किशोरों के बना दिए गए वोट ज्यादातर स्थानों पर झगड़े की वजह बने।
वोटर लिस्ट में नाम होने लेकिन आधार कार्ड व वोटर कार्ड में उम्र कम होने पर उनको पीठासीन अधिकारियों द्वारा रोक देने पर कहासुनी व मारपीट हो गई।
वहीं दर्जन भर स्थानों से मिली मारपीट व पथराव की सूचना पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी दौड़ते रहे। इसमें भरनाकलां, बसई, मझेरा व बसई में मारपीट व पथराव हो गया। सूचनाओं पर पुलिस कर्मी पहुंचे।
छाता कोतवाली के गांव अकबरपुर स्थित दुर्गेश इंटर कॉलेज में दोपहर 12:30 चार 14 से 15 वर्षीय किशोर वोट डालने पहुचे। उनकी उम्र कम देखकर उनका आधार कार्ड मांगा।
उसमें उम्र कम होने पर वोट डालने से रोक दिया तो समर्थक आमने सामने आ गए। पुलिस ने समर्थकों को बाहर किया। इसके बाद पुलिस ने बाहर की किशोरों की उम्र व आधार कार्ड चेक करना शुरू कर दिया।
इसी तरह थाना बरसाना के गांव भरनाकलां में फर्जी वोटिंग को लेकर मारपीट व पथराव हो गया। इसमें एक प्रत्याशी ने पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना फायरिंग होने की दी। सूचना पर क्लस्टर दस्ते मौके पर पहुंचे लेकिन फायरिंग न होकर घटना मारपीट व पथराव की निकली।
इसी तरह थाना शेरगढ़ के गांव बसई में भी किशोरों व कम उम्र की लड़कियों के वोटों को लेकर समर्थक भिड़ गए। वहीं 213 वोट निकटवर्ती गांव खड़वाई में बने पोलिंग बूथ पर डाले जाने से ग्रामीणों को परेशानी हुई।
सूचना पर सेक्टर मजिस्ट्रेट व क्लस्टर दस्ते गांव पहुंचे। बरसाना के गांव बझेरा और संकेत में बिना पहचान पत्र के वोट डालने और कम उम्र के लड़कों के वोटों को रोक देने पर समर्थक भिड़ गए। समर्थकों की सूचना पर पुलिस दस्ते मौके पर पहँचे और लोगों को समझाकर शांति पूर्वक मतदान कराया।
इसके अलावा शेरगढ़ के गांव जलालपुर में एक पीठासीन अधिकारी का रिश्तेदार प्रधानपद का प्रत्याशी था। आरोप था कि पीठासीन अधिकारी रिश्तेदार के पक्ष में मतदान करा रहा है। इसे लेकर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे।
वहीं कुछ लोगों को वोट डालने से रोक देने को लेकर गांव में मारपीट पथराव हो गया। सूचना पर सैक्टर मजिस्ट्रेट, एसडीएम छाता सूचना पर गांव पहुंच गए। वहीं एसडीएम छाता ने बताया कि पीठासीन अधिकारी को नहीं हटाया गया। लोगों ने शांति पूर्वक मतदान किया।