वृंदावन। पानीघाट स्थित हुड़दंग नगर में वर्षों से रह रहीं साध्वी कीर्ति मिश्रा और संयुक्त कुमारी ने आरोप लगाया कि उनकी गोशाला के लिए आने-जाने वाले रास्ते को एक संत द्वारा जबरन अवरुद्ध किया गया। विरोध करने पर उक्त संत ने अपने सहयोगियों संग घर में घुसकर लाठी-सरिया से मारपीट की जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
परिक्रमा मार्ग स्थित मोर कुटिया आश्रम में आयोजित प्रेस वार्ता में साध्वियों ने बताया कि पुलिस को सूचना देने और एफआईआर दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपी लगातार धमकी देकर समझौते का दबाव बना रहे हैं। मोर कुटी के महंत परमेश्वर दास त्यागी और छत्तीसगढ़ कुंज के महंत गोपी कृष्ण महाराज ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।
चतु: संप्रदाय की बैठक में साध्वी का साथ देने वाले संतों का बहिष्कार
पानीघाट क्षेत्र में साध्वी और एक महंत के बीच रास्ते को लेकर हुए विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। शुक्रवार को परिक्रमा मार्ग स्थित आश्रम में अखिल भारतीय चतु:संप्रदाय के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत लाडली दास महाराज की अध्यक्षता में हुई बैठक में मामले को तूल देने वाले दो संतों का बहिष्कार कर दिया गया। संत तेरह भाई त्यागी महंत रामस्वरूप दास ब्रह्मचारी ने कहा कि जब साधु-संत विवाद को शांत कराने का प्रयास कर रहे थे तब उसे सार्वजनिक कर पुलिस तक ले जाना अनुचित था। इससे साधु समाज की छवि को ठेस पहुंची है। बैठक में संत फूलडोल दास, सनत कुमार दास, सच्चिदानंद दास, मोहिनी शरण महाराज, नारायण दास सहित अनेक प्रमुख संत उपस्थित रहे।