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Mathura News: आईआईटी रुड़की के रि. प्रोफेसर ने बनाई थी पानी की टंकी की ड्राइंग

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मथुरा। कृष्ण विहार कॉलोनी के पार्क में गंगाजल प्रोजेक्ट के तहत बनी 2.50 लाख लीटर की पानी की टंकी ड्राइंग आईआईटी रुड़की के सिविल इंजीनियरिंग विभाग से सेवानिवृत्त प्रोफेसर एसके अग्रवाल ने बनाई थी। सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एसके अग्रवाल का बड़ा नाम है। जल निगम द्वारा खंगाली गईं पत्रावलियों में यह बात सामने आई है।
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अधीक्षण अभियंता, नगरीय निर्माण मंडल, जल निगम, आगरा दिनेश चंद्रा ने बताया कि पत्रावलियों को लगातार खंगाला जा रहा है। ड्राइंग की पत्रावली प्राप्त हो गई है। जांचा जा रहा है कि ड्राइंग में प्रो. एसके अग्रवाल द्वारा निर्माण संबंधी, जिन मानक बिंदुओं, निर्माण सामग्री के मानक बिंदुओं का उल्लेख किया है। क्या वास्तव में टंकी निर्माण करने वाले एसएम कंस्ट्रक्शन फर्म ने उनका पालन किया या फिर उनकी अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य किया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान ढांचा नक्शा, निर्माण सामग्री, सरिया, मिट्टी, गिट्टी, सीमेंट आदि का मानकों के अनुसार ही प्रयोग हुआ है या फिर इनमें गड़बड़ी की गई है। इसको प्रमुखता से जांचा जाएगा।


बीआईएस मानकों के आधार पर होगी जांच
जांच के संबंध में जल निगम ने बताया कि बीआईएस (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स) के मानकों के आधार पर पूरी जांच होगी। इसमें पहली जांच कंप्रेसिव स्ट्रैंथ टेस्ट होगा। इस टेस्ट में पता किया जाएगा कि किस गुणवत्ता का कंक्रीट टंकी के निर्माण में इस्तेमाल किया गया। पिलर कितना खिंचवा झेलने की स्थिति में थे। वहीं, दूसरा टेंसाइल स्ट्रैंथ टेस्ट होगा, इसके तहत निर्माण में इस्तेमाल सरिया व अन्य धातु का टेस्ट होगा। देखा जाएगा कि क्या निर्माण में इस्तेमाल सरिया व अन्य धातु उस क्षमता की थी कि इस विशालकाय टंकी को मजबूती प्रदान कर सकें।
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