मथुरा। रिलायंस ग्रुप के ऑडिटर रहे जाने माने समाजसेवी दीनानाथ पाठक (91) का शनिवार को गोलोकवास हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही शहर में शोक की लहर दौड़ गई। उनका शव मुंबई से मथुरा लाया गया, जहां शाम को शोकाकुल वातावरण में अंतिम संस्कार किया गया। शवयात्रा में शहर के गण्यमान्य लोगों ने प्रतिभाग किया।
चतुर्वेद समाज के स्तंभ दीनानाथ पाठक कानपुर से चार्टर्ड एकाउंटेंट की शिक्षा ग्रहण करने के बाद वर्ष 1965 में मुंबई चले गए। इसके बाद उन्होंने धीरूभाई अंबानी परिवार के साथ मिलकर कार्य किया। वह लंबे समय तक रिलायंस ग्रुप से जुड़े रहे। इसके बाद उन्होंने अपनी फर्म चतुर्वेदी एंड शाह शुरू की। इसके बाद कई बड़ी कंपनियों के साथ काम किया। देश की चुनिंदा चार्टर्ड एकाउंटेंट फर्म में से है। इसी फर्म से सैकड़ों सीए तैयार हुए, जोकि देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रमुख कारोबारी पवन चतुर्वेदी बताते हैं कि उन्होंने मुंबई में रहने के बाद भी कभी अपनी जड़ों को नहीं छोड़ा। वह मथुरा और समाज के प्रति अगाध प्रेम रखते थे। यही कारण रहा कि मथुरा में वह कई संस्थाओं से जुड़कर समाजसेवा में लगे रहे।
उन्होंने कई शैक्षणिक और सामाजिक व धर्मार्थ संस्थाओं के संरक्षक के रूप में उदारता से दान दिया। उनके पास से कोई निराश होकर नहीं लौटता था। यही कारण था कि मथुरा के लोग कभी उनसे अलग नहीं हुए। तीन-चार दिन पहले ही उन्होंने मुंबई में अपना 91वां जन्मदिवस मनाया था। शनिवार की देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन का समाचार मिलने पर मथुरा में शोक की लहर दौड़ गई। उनके शव को पैतृक आवास डैंपियर नगर में लाया गया, जहां श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। शाम को उनकी शवयात्रा में शहर के गणमान्य लोगों के साथ ही देश के कई कॉरपोरेट घरानों के लोगों ने शामिल होकर उन्हें नम आंखों से विदाई दी।
बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि, शमशान घाट पर उमड़े लोग
दीनानाथ चतुर्वेदी के परिवार में उनके बेटे देवेश चतुर्वेदी, राजेश और गगन, नाती ब्रजेश, राघव और मधुर हैं। मुखाग्नि उनके बड़े बेटे देवेश ने दी। करीब पांच साल पहले उनकी पत्नी मणि चतुर्वेदी भी गोलोकवासी हो चुकी हैं। उनके निधन पर मा्थुर चतुर्वेद परिषद ने शोक जताया है। महामंत्री राकेश तिवारी एडवोकेट ने श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम यात्रा में प्रमुख लोगों में प्रदीप माथुर, नरेंद्र सिंह, वरिष्ठ पत्रकार किशन चतुर्वेदी, ब्रह्मानंद चतुर्वेदी, विजय चतुर्वेदी, उमाकांत चतुर्वेदी एडवोकेट, अजय सिंह एडवोकेट, सुभाष चतुर्वेदी एडवोकेट सहित अन्य गण्यमान्य लोग शामिल रहे।