मथुरा। दो दिन पूर्व ढाबा संचालक की गोली मारकर की गई हत्या में नया मोड़ आ गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में नामजद हत्याकांड में शामिल नहीं पाए गए, बल्कि इस लड़ाई का किसी तीसरे ने फायदा उठाकर हत्याकांड को अंजाम दिया। बावजूद हाईवे पुलिस ने नामजदों को अभी क्लीन चिट नहीं दी है। हाईवे पुलिस इस हत्याकांड की पर्त दर पर्त खोलने में जुट गई है। थाना हाईवे के गांव सलेमपुर निवासी लाखन सिंह (42) पुत्र रामवीर सिंह सौंख रोड पर अपना नाम से ढाबा चलाते थे। 17 मार्च को लाखन ढाबे पर बैठा था तो रात करीब 10:15 बजे बाइक पर सवार नकाबपोशों ने ताबड़तोड़ गोलियां दागकर ढाबा संचालक की हत्या कर दी थी। बायीं तरफ सीने में एक गोली लगने से उसकी मौत हो गई थी। हालांकि हाईवे पुलिस ने शव को कब्जे में लिया था। मृतक के भाई सुरेंद्र सिंह ने चचेरे भाई बंटी, हिमांशु, चाचा नरपत और बुआ इंद्रा के खिलाफ थाना हाईवे में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
हाईवे पुलिस हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के संग जांच में जुटी तो हत्याकांड में नया मोड़ आ गया। प्रारंभिक जांच में पुलिस नामजदाें की बजाए किसी तीसरे को इस हत्याकांड में शामिल होना मानकर चल रही है, पर अभी तक नामजदों को क्लीन चिट भी नहीं दी है। प्रभारी निरीक्षक छोटेलाल ने बताया कि हत्याकांड का खुलासा जल्द कर दिया जाएगा। नामजदों की गिरफ्तारी से पहले कई पहलू पर जांच की जा रही है। मकसद यह है कि कोई निर्दोष हत्याकांड में जेल न चला जाए।