मृतक का भाई फूफा की हत्या में था नामजद
थाना हाईवे के एसएचओ छोटेलाल ने बताया कि पुश्तैनी पांच बीघा जमीन को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा है। साल 2014 में लाखन सिंह के फूफा फौजी भूरी सिंह की हत्या हुई थी। इस मामले में लाखन का भाई सुरेंद्र सिंह भी नामजद था। बाद में दोनों परिवारों में समझौता हो गया। अब इस मामले में भूरी सिंह की पत्नी इंद्रा को नामजद किया है।
वारदात के बाद गम में डूबे परिजन
लाखन सिंह की हत्या की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। उसके परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक के दो बेटे और एक बेटी है। गांव सलेमपुर में सन्नाटा पसरा रहा। एहतियात के लिए सलेमपुर में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला है कि गोली लाखन के सीने के बाईं तरफ लगी और फेफड़ों में फंस गई। शरीर के अंदर ही अधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई।
मृतक के बेटे ने देखे हमलावर
बाइक पर सवार होकर आए नकाबपोश बदमाशों ने जिस समय इस वारदात को अंजाम दिया उस समय ढाबे पर लाखन का बेटा देवेंद्र और एक कर्मचारी भी मौजूद था। देवेंद्र के अनुसार वारदात के बाद भाग रहे बाइक सवार एक नकाबपोश को उसने खींच लिया, इससे नकाब उतर गया। आरोप है कि हमलावर सलेमपुर के ही रहने वाले बंटी और हिमांशु थे जबकि तीसरे का वह चेहरा नहीं देख पाया। लाखन हाईवे थाना क्षेत्र में भरतपुर-मथुरा रोड पर स्थित गांव सलेमपुर का रहने वाला था। गांव में मुख्य मार्ग पर स्थित अपने खेत पर ही उसने ढाबा खोल रखा था।