वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर एवं घाटों के सौंदर्यीकरण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मध्यस्थता से हल निकालने पर बल दिया। इस मामले में रविवार को सहमति के लिए पक्षों ने बैठक बुलाई है, जिस पर ब्रजवासियों की नजर टिकी है। इस मामले में वादी एवं याचिकाकर्ता के साथ-साथ बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र के व्यापारियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
हाईकोर्ट में बांकेबिहारी कॉरिडोर की अपील
याचिकाकर्ता अनंत शर्मा ने बताया कि बांकेबिहारी मंदिर और उसके आसपास व्याप्त अव्यवस्थाओं के बीच दर्शन करने में हो रही कठिनाइयों को देखते हुए हाईकोर्ट में बांकेबिहारी कॉरिडोर की अपील की गई थी, ताकि श्रद्धालुओें को सहज दर्शन हो सकें। अब इस मामले में न्यायालय और प्रशासन को विचार करना है।
सौंदर्यीकरण का कार्य होना चाहिए
याचिकाकर्ता महंत मधुमंगल शुक्ला ने बताया कि वृंदावन के स्वरूप को बचाते हुए सौंदर्यीकरण का कार्य होना चाहिए। सिर्फ कॉरिडोर की बात नहीं, समग्र विकास पर सरकार को कदम उठाना चाहिए। पांच सौ साल पहले ही यमुना किनारे रिवर फ्रंट बना है, तो वर्तमान में रिवर फ्रंट बनाने के बजाय उसी को संवारने की जरूरत है।
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दुकान बनाकर हो जाएं आवंटित
पार्षद राधाकृष्ण पाठक ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा देखते हुए कॉरिडोर बनना चाहिए। इसके बनाते समय जिन लोगों की दुकानें टूटें, उन दुकानदारों को दुकान बनाकर आवंटित करनी चाहिए। ताकि दुकानदारों की रोजीरोटी बनी रहे।
एक मात्र हल कॉरिडोर
पार्षद पंकज अरोड़ा ने बताया कि श्रद्धालुओं को दर्शन करने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से निदान का एकमात्र हल कॉरिडोर है। इसके बनने श्रद्धालु बड़ी संख्या में आएंगे और सहज और सुरक्षित दर्शन होंगे।