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Mathura News: झाड़ी हनुमान मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा में उमड़े श्रद्धालु

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कलश शोभायात्रा में अमर दास महाराज व राम रतन दास महाराज। 
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नौहझील। कस्बा नौहझील स्थित प्राचीन सिद्धस्थली स्वयंभू प्रकट श्री झाड़ी हनुमानजी मंदिर पर आयोजित वार्षिकोत्सव एवं प्रभु प्रेम पर्व के अंतर्गत बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस श्रद्धालुओं ने भक्ति रस की अविरल धारा में डुबकी लगाई। कथा व्यास भागवताचार्य श्रीकृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुर महाराज ने कहा कि नौहझील क्षेत्र सदैव से भक्ति और साधना की भूमि रहा है। यहां पुन: कथा करने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है।
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उन्होंने बताया कि लगभग 40 वर्ष पूर्व उन्होंने नौहझील में एक कथा उस समय की थी, जब यहां एक दुर्गा मंदिर को दरगाह में परिवर्तित किए जाने का विरोध हो रहा था। एक मौलवी द्वारा मंदिर के खंभों पर स्थापित मूर्तियों को धीरे-धीरे हटाकर उस स्थल का स्वरूप बदल दिया गया था, जिसके विरोध में कथा का आयोजन किया था, तब वहां भागवत कथा कही। कथा का शुभारंभ सुदामा कुटी वृंदावन के महंत अमर दास महाराज, मंदिर महंत राम रतन दास महाराज तथा प्रधान प्रशांत गुप्ता ने व्यासपीठ का पूजन एवं आरती उतारकर किया। इस अवसर पर भागवताचार्य श्रीकृष्ण चंद्र शास्त्री ने कहा कि नौहझील की इस कथा से उन्हें न धन की इच्छा है और न ही प्रतिष्ठा की। उनका उद्देश्य केवल श्री झाड़ी हनुमानजी का आशीर्वाद प्राप्त करना है, क्योंकि यह स्थल अतुलनीय आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा का केंद्र है।
भागवताचार्य ने नौहझील की ऐतिहासिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन समय में इस क्षेत्र में नौ झीलें हुआ करती थीं, जिनके कारण इसे नौहझील कहते थे। उन्होंने नौहझील क्षेत्र को ब्रज का हृदय बताते हुए यहां की धार्मिक परंपराओं और श्रद्धा की सराहना की।कथा के दौरान व्यासपीठ से महाराज श्री ने राजा परीक्षित के जन्म, उनके जीवन प्रसंगों तथा श्री शुकदेव जी महाराज के आगमन की कथा का विस्तार से वर्णन किया। इस दौरान अशोक शर्मा,जैकम पाठक,चतुरी सोलंकी,अशोक भारद्वाज, पुष्पेंद्र चौधरी,आंशू अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, सरपंच राजू गुप्ता, कन्हैया गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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