कात्यायनी मंदिर में संधि आरती में लगी श्रद्धालुओं की भीड़।
वृंदावन। चैत्र नवरात्र में अष्टमी और नवमी के मिलन पर कात्यायनी मंदिर में संधि आरती का आयोजन किया गया। शंख, घंटों और नगाड़ों की थाप के बीच मातारानी की आरती उतारी गई। पुजारियों ने भक्तों के बीच माता का खजाना लुटाया, जिसे पाने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मच गई।
मंदिर के ट्रस्टी रवि दयाल ने बताया कि संधि आरती की परंपरा सौ वर्षों से अधिक पुरानी है। अष्टमी तिथि के समापन और नवमी के प्रारंभ का समय संधि काल कहलाता है। इस क्षण माता के दर्शन करने से भक्तों के कष्ट दूर हो जाते हैं। प्रबंधक विजय मिश्र ने बताया कि मुख्य आकर्षण पुजारियों द्वारा भक्तों के बीच सिक्के, टॉफी और बिस्कुट लुटाना रहा। देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। संवाद