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Mathura: बसंती कमरे में विजरामन ठाकुर राधारमण लाल जू महाराज के दर्शन पाकर भक्त हुए निहाल, अपलक निहारते रहे

Thu, 26 Jan 2023 10:39 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

बसंती पंचमी से श्रीकृष्ण जन्मस्थान के सभी मंदिरों में होली महोत्सव का शुभारंभ भी हो जाता है। होली महोत्सव पूरे फाल्गुन मास तक अबीर-गुलाल-फूलों की होली ठाकुरजी के साथ आने वाले श्रद्धालुओं के साथ खेली जाती है। 
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पीले रंग की पोशाक धारण किए ठा.राधारमण लाल जू की झांकी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वृंदावन में बसंत की छटा ब्रहस्पतिवार को शाहबिहारी मंदिर के बसंत पंचमी को भी साकार हुई। रंग बिरंगी रोशनी से नहाए बसंती कमरे में विजरामन होकर ठाकुर राधारमण लाल जू महाराज के दर्शन पाकर भक्त भी निहाल हुए। पीले रंग की पोशाक धारण किए ठा.राधारमण लाल जू की झांकी के दर्शन को भक्त अपलक निहारते रहे। बसंती कमरे में झाड़-फनूस और रंग बिरंगी रोशनी के बीच ठाकुरजी की छवि भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी।

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ब्रजक्षेत्र में बसंत ऋतु का विशेष महत्व है। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर भिन्न प्रकार के आयोजन होते हैं। इसी प्रक्रिया में श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर बसंत पंचमी को श्रीकेशवदेव मंदिर को बसंती स्वरूप प्रदान किया गया। इस बार बसंत पंचमी का पर्व 26 जनवरी को मनाया गया। शाम तीन बजे से ठाकुर श्रीकेशवदेवजी महाराज बसंती स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। ठाकुरजी का बसंती शृंगार भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। इसके लिए कारीगरों ने पहले से ही इसकी तैयारियां पूर्ण की। 

गौरतलब रहे कि बसंती पंचमी से श्रीकृष्ण जन्मस्थान के सभी मंदिरों में होली महोत्सव का शुभारंभ भी हो जाता है। होली महोत्सव पूरे फाल्गुन मास तक अबीर-गुलाल-फूलों की होली ठाकुरजी के साथ आने वाले श्रद्धालुओं के साथ खेली जाती है। 

द्वारिकाधीश में पूर्णिमा को गडे़गा होली का डांढा

श्रीद्वारिकाधीश मंदिर में पूर्णिमा के दिन होली का डांढा गड़ेगा। छह फरवरी से ब्रज के सुप्रसिद्ध रसियाओं का गायन शुरू हो जाएगा। मंदिर की विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एड ने बताया की बसंती पंचमी के दिन से ठाकुरजी को अबीर-गुलाल लगाया जाता है जो गुरुवार प्रात: राजभोग के दर्शन में धराया गया। छह फरवरी से रसिया गायन प्रारंभ होगा। पुष्टिमार्ग में वसंत पंचमी से ठाकुर जी केवल अंदर ही होली खेलते हैं।

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