घाटी में हुई हिंसा में जिले के 30 लोग फंस गए हैं। इनमें कुछ अमरनाथ यात्री हैं और कुछ घूमने के लिहाज से गए थे। जबकि कुछ परिवार जम्मू में ही रह रहे हैं। परिवार वालों से इनका संपर्क नहीं हो पा रहा है।
मथुरा शहर और सौंख से करीब 20 लोग अमरनाथ यात्रा पर गए हैं। सौंख से ही विष्णु कुमार, महेश राठ्या, राजेंद्र कुशवाह, बीना कुशवाह समेत करीब दस लोग गए हैं। यह सभी लोग एक जुलाई की सुबह कस्बा से बस द्वारा गए थे।
महेश राठ्या के पुत्र विष्णु के अनुसार जब से घाटी में हिंसा की खबर सुनी है तब से डर लगा रहता है। फोन से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन फोन लगातार बंद जा रहा है। सभी श्रद्धालुओं के घर वालों का यही हाल है। मथुरा शहर से भी कई लोग अमरनाथ यात्रा पर गए हैं।
जबकि कुछ परिवार जम्मू में ही रह रहे हैं। जो लोग जम्मू में रह रहे हैं उनके बारे में भी परिवार के लोगों को कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। यह लोग वहां जा भी नहीं सकते, क्योंकि कई इलाकों में कर्फ्यू लगा है, जबकि कुछ जगहों पर कर्फ्यू जैसी पाबंदियां हैं।