फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूर हुई भक्त और भगवान की दूरी

विज्ञापन
विज्ञापन
मथुरा। सवा माह के बाद भक्तों को अपने आराध्य के दर्शन हो गए। प्रदेश में अनलॉक होते ही मथुरा के मंदिरों के पट खुले। स्थानीय भक्तों के साथ देश के अन्य शहरों से आए श्रद्धालुओं ने भी दर्शन किए। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं को प्रवेश देने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की और सैनिटाइज भी किया। मंदिरों में कोविड के प्रोटॉकॉल का विशेष ख्याल रखा गया।
विज्ञापन

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्म स्थान मंदिर के दर्शन अपने निर्धारित समय पर खुले। वहीं, पुष्टिमार्गीय द्वारिकाधीश मंदिर के पट खुले। पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के मंदिर ठाकुर द्वारिकाधीश ठाकुर द्वारकाधीश जी महाराज के शाम के दर्शन में परिवर्तन किया गया है। मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि पूर्व में मंदिर के शाम के दर्शन 4:45 से 5:15 के स्थान पर 4:45 से 5:10 किया गया है। इसके 6 से 6:30 तक मंदिर भक्तों के लिए खोले गए। स्थानीय भक्तों ने अपने आराध्य को रिझाने के लिए पदों और भजनों का गायन किया और नयनाभिराम दर्शन किए।
मंदिर प्रबंधन ने गेट से लेकर दर्शन करने तक श्रद्धालुओं पर नजर बनाए रखी और कोविड के नियमों का पालन कराया। गेट पर टेंप्रेचर मापकर सैनिटाइज किया गया। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग भी ध्यान रखा गया। अनलॉक होने के पहले दिन मंदिर में आने वाले लोग सामान्य दिनों से कम देखे गए।
विज्ञापन

इधर, प्राचीन केशवदेव मंदिर में मंगलवार को मंगला दर्शन होने से पूर्व मंदिर प्रांगण को सैनिटाइज किया गया। तत्पश्चात मंदिर का प्रमुख गेट खोला गया। भक्तों को पांच-पांच के समूह में कोरोना गाइडलाइन के अनुसार दर्शन कराए गए। सेवायत बिहारी लाल गोस्वामी, श्यामाचरण गोस्वामी व गौरव गोस्वामी द्वारा खुशी में समस्त भक्तों एवं गोस्वामीयों को लड्डू प्रसाद वितरण किया गया। मीडिया प्रभारी नारायण प्रसाद शर्मा व कमेटी अध्यक्ष पंडित सोहनलाल शर्मा ने व्यवस्था संभाली।
प्राचीन दीर्धविष्णु मंदिर के द्वार भक्तजनों के दर्शन के लिए खुल गए। आज प्रात: मंगला आरती दर्शन के बाद विधिवत प्रात:कालीन और सायंकालीन दर्शनों की आठों झांकी भक्तों को कराई गईं। मंदिर सेवायत महंत कांतनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि भक्तजन अपनी व सामाजिक सुरक्षा का ध्यान रखते हुए उचित दूरी का पालन करते हुए माक्स लगाकर ही मंदिर में प्रवेश करेंगे।
इससे पूर्व संपूर्ण मंदिर परिसर को सैनिटाइज कराया गया। दीर्धविष्णु मंदिर सेवा संस्थान के प्रवक्ता पं.रामदास शास्त्री, सहित सेवायत पं. बालकृष्ण चतुर्वेदी, पं.लालकृष्ण चतुर्वेदी मंदिर संस्थान की वैदिक समिति के संयोजक आचार्य देवदत्त शास्त्री एवं सह अनुष्ठान प्रमुख राधा बल्लभ चतुर्वेदी ने वैदिक मंगलाचरण, स्वस्ति वाचन कर ठाकुर जी का अर्चन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें