सिंचाई विभाग की ड्रेनेज भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए मकानों को हटाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। विभाग द्वारा इन मकानों पर 19 से 21 जनवरी तक नोटिस चस्पा करने और लाल निशान लगाने की कार्रवाई की गई थी।
मथुरा में सिंचाई विभाग की ड्रेनेज भूमि पर बनाए गए अवैध मकानों को ध्वस्त करने के लिए रूपरेखा तैयार की गई है। एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर चर्चा की गई। कार्रवाई के समय पर्याप्त संख्या में फोर्स उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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सिंचाई विभाग की ड्रेनेज भूमि पर पिछले कई दशकों में अवैध रूप से कब्जा कर लगभग 800 मकान बना लिए गए हैं। अब अदालत के आदेश पर सिंचाई विभाग द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर 261 मकानों को चिह्नित कर लाल निशान लगाते हुए नोटिस चस्पा किए गए। बुधवार को मामले को एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन कुमार ने बताया कि अभी तक विभाग ने 261 मकानों को तीन भागों में बांटा है। इसमें पहले व्यावसायिक, दूसरे बिना आवास (कब्जा की गई भूमि) और तीसरा आवासीय हैं। बृहस्पतिवार से इनका सर्वे कराने का काम शुरू किया जाएगा। इसमें अभी कई दिन का समय लग सकता है। सर्वे पूरा होने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी। सबसे पहले व्यावसायिक और बिना आवास वाली भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाएगा।