श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्री कृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन पर ईदगाह की मौजूदगी का दावा कर उसे हटाने प्रार्थना पत्र दायर करने वाले पक्षकार अब ज्ञानवापी की तरह से ईदगाह की दीवारों के सर्वे की मांग करेंगे। हालांकि इस तरह सर्वे करने के लिए प्रार्थना पत्र अदालत में पहले से दिए हुए हैं, लेकिनइन प्रार्थना पत्रों को अदालत में पुन:पेश कर आदेश की मांग करेंगे।
पुराने पत्थर मंदिर का हिस्सा रहे थे
श्री कृष्ण जन्मस्थान ईदगाह मामले में पक्षकार वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र माहेश्वरी ने बताया कि वैज्ञानिक सर्वे संबंधी प्रार्थना पत्र वह अदालत में पूर्व में दे चुके हैं। उन्होंने ईदगाह की दीवारों पर लगे पत्थरों की जांच की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि ये पत्थर काफी पुराने हैं और कभी मंदिर का हिस्सा रहे थे।
वैज्ञानिक तरीके से जांच होनी चाहिए
औरंगजेब ने जब मंदिर तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया तो बजाय दूसरे पत्थरों को मंगाने मंदिर के पत्थरों का ही प्रयोग कर लिया। हम इन्हीं पत्थरों की वैज्ञानिक जांच की मांग करेंगे। पक्षकार महेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि ईदगाह में लगे पत्थरों की वैज्ञानिक तरीके से जांच होनी चाहिए। इस संबंध में वह पहले ही प्रार्थना पत्र अदालत में दे चुके हैं।
दीवारों की जांच की मांग की गई
पक्षकार मनीष यादव ने बताया कि उन्होंने कई प्रार्थना पत्र इस प्रकार के दिए हैं। ईदगाह की दीवारों की जांच की मांग की है। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि वह चाहते हैं कि ईदगाह की दीवारों के पत्थरों की कार्बन डेटिंग जैसी जांच तो होनी ही चाहिए साथ ही ईदगाह खुदाई भी होनी चहिए।