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अयोध्या की तर्ज पर अलग कोर्ट बनाने की मांग

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान ईदगाह प्रकरण में विभिन्न केसों में चल रही सुनवाई को लेकर पक्षकार संतुष्ट नहीं हैं। हाईकोर्ट और जिला जज की त्वरित सुनवाई संबंधी आदेश के बाद भी न्यायालय में सुनवाई की गति धीमी है। अदालत में ठाकुर केशवदेव बनाम ईदगाह इंतजामिया कमेटी के पक्षकार एडवोकेट राजेंद्र माहेश्वरी ने इस प्रकरण को लेकर जिला जज राजीव भारती की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। अयोध्या प्रकरण की तर्ज पर मथुरा में भी इस प्रकरण की सुनवाई के लिए अदालत से अलग कोर्ट तय करने की मांग की।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान ईदगाह प्रकरण मेें अब तक १२ केस दर्ज हो चुके हैं। इनमें से अधिकतर केस में शुरूआती स्तर की सुनवाई ही चल रही है। पक्षकार द्वारा केस की सुनवाई को त्वरित गति प्रदान करने के उद्देश्य से जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र भी दिया गया था।
हाईकोर्ट ने चार माह के अंदर केस निस्तारण का आदेश भी दिया है। इसी प्रकरण को लेकर ठाकुर केशवदेव बनाम इंतजामिया कमेटी वाद संख्या ९५०/२०२० के पक्षकारों में से एक अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने शुक्रवार को जिला जज राजीव भारती की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया।
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अधिवक्ता ने कहा कि जिला जज की अदालत ने २० मई को ईदगाह निषेधाज्ञा, मौके की स्थिति परिवर्तित न किए जाने संबंधी केस के लिए दिन प्रतिदिन सुनवाई के आदेश दिए लेकिन बार-बार अनुरोध के बावजूद उक्त प्रार्थना पत्रों को निस्तारित नहीं किया गया।
अपितु प्रतिवादी पक्ष द्वारा अनावश्यक किस्म के प्रार्थना पत्रों के आधार पर स्थगन कर तिथि नियत कर दी गई। ऐसा प्रतीत होता है कि सिविल जज सीनियर डिवीजन कार्य अधिक होने के कारण सुनवाई नहीं कर पा रहे हैं। लिहाजा इसे किसी अन्य अपर जनपद न्यायाधीश, अपर सिविल जज की अदालत में स्थानांतरित कर दिया जाए।
पक्षकार राजेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि उन्होंने जिला जज की अदालत मेें सभी केसों की सूची भी भेजी है। हाईकोर्ट द्वारा अयोध्या प्रकरण में भी इसी प्रकार से विशेष कोर्ट गठित की गई थी। हमने भी जिला जज की अदालत से यह मांग की है।
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