झारखंड में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान इटावा के मौलाना जरजिस अंसारी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को पांच वक्त का नमाजी बताने वाले बयान पर विवाद गहराने लगा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह और कथावाचक मृदुल कांत शास्त्री ने कहा कि मौलाना के बयान से करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने मौलाना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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मौलाना जरजिस अंसारी के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि यह वीडियो पुराना बताया जा रहा है। वीडियो में वह कह रहे हैं कि भगवान श्रीकृष्ण भी पांच वक्त के नमाजी थे। वहीं श्रीराम पर भी उन्होंने विवादित बयान देते हुए उन्हें भी नमाजी बताया। उनका यह बयान सामने आने के बाद संतों में आक्रोश है। धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने इस बयान पर विरोध जताया है। अदालत में हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह ने मौलाना के बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे हिंदू समाज की आस्था पर सीधा आघात बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लाम का इतिहास जहां 1400 साल पुराना है, वहीं भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य पांच हजार वर्ष पहले हुआ था।