मथुरा में शकूरबस्ती ईएमयू के प्लेटफार्म -2 पर चढ़ जाने की घटना के कारण दिल्ली-आगरा रेलवे ट्रैक पर ट्रेन यातायात 16 घंटे तक प्रभावित रहा। करीब एक दर्जन ट्रेनों का संचालन देरी से हुआ है। प्लेटफार्म -2 से गुजरने वाली सभी ट्रेनों को प्लेटफार्म 3 व 4 से निकाला गया। यह स्थिति बुधवार दोपहर तीन बजे तक रही। इससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। तकनीकी कार्य के दौरान प्लेटफार्म संख्या 3 को भी बंद किया गया।
मंगलवार की रात 10.55 बजे ईएमयू हादसे के कारण जंक्शन स्टेशन के प्लेटफार्म-2 से ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया था। इस दौरान कई ट्रेनों को बीच रास्ते ही या संबंधित स्टेशनों पर ही खड़ा कर दिया गया। इससे अप और डाउन रेलवे ट्रैक का संचालन प्रभावित हो गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने प्लेटफार्म 2 की ओएचई वायर टूटने के कारण इससे गुजरने वाली ट्रेनों को प्लेटफार्म परिवर्तित करते हुए निकाला। इससे डाउन ट्रैक की दक्षिण एक्सप्रेस दो घंटे, दादर एक्सप्रेस एक घंटे, जबलपुर निजामुद्दीन एक्सप्रेस तीन घंटे, मानिकपुर निजामुद्दीन एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, जीटी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे देरी से पहुंची।
उप ट्रैक की इंदौर इंटरसिटी तीन घंटे, दादर एक्सप्रसे ढाई घंटे, मालवा एक्सप्रेस पौने तीन घंटे और केरला एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे देरी से चली हैं। इसका असर यात्रियों पर पड़ा है। देरी से चल रही इन ट्रेनों के कारण स्टेशन पर यात्री परेशान नजर आए। पेसेंजर ट्रेनों का तो इससे भी बुरा हाल हो गया। भूतेश्वर स्टेशन पर अलवर की ओर जाने वाले यात्रियों को पांच घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा। यहां से दोपहर को जाने वाली पेसेंजर का भी यही हाल था। उधर, हादसे के संबंध में रेल कर्मचारी कुछ भी जानकारी नहीं दे रहे थे।
दो के साथ प्लेटफार्म तीन पर भी रोका रेल संचालन
ईएमयू को ट्रैक पर लाने के दौरान प्लेटफार्म 2 के साथ निकटवर्ती प्लेटफार्म 3 का भी संचालन रोका गया। राजधानी एक्सप्रेस के प्लेटफार्म 3 से गुजरने के बाद बुधवार सुबह 11.40 से 1.40 बजे तक ब्लॉक लिया गया। इस दौरान दोनों प्लेटफार्म के ट्रैक के बीच फंसी ईएमयू के इंजन को विशाल क्रेन के माध्यम से व्यवस्थित किया गया। पहले क्रेन की मदद से इंजन को प्लेटफार्म को नीचे उतारा और फिर उसे पटरी पर लिया। हादसे के कारण ईएमयू इंजन के सबसे आगे के पहिए टूटकर अलग हो गए थे। एक तरफ यह कार्य क्रेन की मदद से हो रहा था, तो दूसरी ओर एआरटी ओएचई की मरम्मत में जुटी रही। इस प्रक्रिया के दौरान डीआरएम तेज प्रकाश अग्रवाल, एडीआरएम इंफ्रा असद सईद सहित स्टेशन डायरेक्टर एसके श्रीवास्तव सहित आरपीएफ कर्मी मौजूद रहे।
जांच में सीसीटीवी की लेंगे मदद
ईएमयू हादसे के ज्वाइंट नोट के बाद अब इसकी विस्तृत जांच होगी। इसमें इंजन में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद भी ली जाएगी। पूरा हादसा इंजन की गतिविधि से ही जुड़ा है। अचानक थ्रोटल दबना इस घटना का प्रारंभिक कारण माना जा रहा है। तकनीकी इंजीनियरों के अनुसार थ्रोटल इंजन में एक्सीलेटर का काम करता है। यही ट्रेन की रफ्तार को बढ़ाने और घटाने का उपकरण भी है।
कर्मचारियों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट
शकूरबस्ती ईएमयू हादसे के बाद निलंबित किए गए तकनीकी रेल कर्मचारियों ने कहीं शराब का सेवन तो नहीं किया था, इसका पता लगाने के लिए सभी का ब्रेथ एनालाइजर मशीन की मदद से टेस्ट किया गया है। इसकी रिपोर्ट भी ज्वाइंट नोट में शामिल की गई है। यह रिपोर्ट हादसे की जांच के लिए गठित होने वाली कमेटी की विस्तृत जांच में उपयोगी साबित होगी।