मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने बुधवार दोपहर मदन मोहन मंदिर के निकट कालीदह क्षेत्र स्थित अवैध तौर पर बनी चार मंजिला इमारत को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई का विरोध करने पर पुलिस ने तीन महिलाओं समेत पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। इस मामले में 9 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। कार्रवाई एमवीडीए सचिव और एसडीएम की मौजूदगी में की गई।
वृंदावन खादर में कॉलोनियों का अवैध जाल लगातार फैलता जा रहा है। एमवीडीए की टीम ने चार मंजिला इस इमारत के ध्वस्तीकरण की जैसे ही कार्रवाई शुरू की कई लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने 3 महिलाओं व पुरुषों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद इमारत को तोड़ दिया गया। इससे पहले एक जन शिकायत पर मंगलवार दोपहर इस इमारत को ध्वस्त करने पहुंची एमवीडीए की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा था। इसके चलते टीम बैरंग लौट गई।
इस मामले में एमवीडीए के जेई एसडी पालीवाल ने शशि मिश्रा, मधुसूदन मिश्रा, चंद्रिका मिश्रा, दिव्या उपाध्याय, जयराम दास, मनोज कुमार, अंजू मिश्रा, ब्रजेश चंद्र एवं एक अज्ञात के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। एमवीडीए के सचिव राजेश सिंह ने कहा कि शशि मिश्रा ने भवन निर्माण की कोई स्वीकृति नहीं ली थी। इस संबंध में उन्हें दो बार नोटिस भी जारी किए और निर्माणकर्ता द्वारा पक्ष रखने को कहा गया, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस दौरान एसडीएम राज कुमार भास्कर, ओएसडी प्रसून द्विवेदी, एई राजेश्वर सिंह, सीओ सदर प्रवीण मलिक के साथ विभागीय टीम तथा पुलिस बल मौजूद रहा।
बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किया निर्माण
विप्रा अधिकारियों के अनुसार श्रीजी वाटिका काॅलोनी में मदन मोहन मंदिर से पहले लगभग 300 वर्गमीटर में अवधेश मिश्रा ने 16 आरसीसी. काॅलम खड़े किए हैं। 2020-21 में इस स्थल पर मानचित्र स्वीकृति की जांच के दौरान कोई प्रपत्र नहीं मिला था। विकास प्राधिकरण ने 10 मार्च 2021 को बिना मानचित्र स्वीकृत निर्माण किए जाने पर ध्वस्तीकरण का आदेश पारित कर दिया। इस आदेश पर 15 दिन के अन्दर निर्माण स्वयं हटाने की मोहलत दी गई। निर्माणकर्ता अवधेश मिश्रा द्वारा अब तक इस पर अमल न किए जाने के साथ ही खादर/धरोहर क्षेत्र में निर्माण कार्य जारी रखते हुए होटलनुुमा कमरों सहित चार मंजिला इमारत तैयार कर दी।