कार्तिक पूर्णिमा की रात्रि में यमुना का बल्लभघाट सवा लाख दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। जिसने यह दृश्य देखा वह देखते ही रह गया। इस मौके पर यमुना की छटा अद्भुत हो गई।
बुधवार की देर रात कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यमुना के वल्लभघाट को दीप मालिका से सजाया गया। पूरा घाट दूर से ही जगमग-जगमग कर रहा था। देर रात हुए इस आयोजन में आर्ट ऑफ लिविंग रविशंकर के अनुयायियों ने यमुना किनारे भजन प्रस्तुत किए।
इसमें गुणगांव से आए सुमन, नूपुर और भारत की भजन प्रस्तुतियां हुईं। तीनों ने हरिनंदन मुकुंदा, हरिनारायण हरि बोल, हरि केशव हरि गोविंदा हरिनारायण हरिओम... आदि भजनों की प्रस्तुति दी।
भजन सुनकर आगरा, हाथरस, मुंबई, गुड़गांव से आए भक्त मथुरावासियों संग झूम उठे।
कार्यक्रम के अंत में यमुना मैया की आरती हुई। साथ ही यमुनाजी को छप्पन भोग लगाया गया। अंत में राजेंद्र महाराज ने श्रद्धालुओं को कार्तिक पूर्णिमा के बारे में बताने के साथ ही दीपदान का महत्व भी बताया।