कोसीकलां। श्रीरामलीला संस्थान के तत्वावधान में रावण की भव्य सवारी निकली तो नगर की गलियां लंका के वैभव से जीवंत हो उठीं। तालाबशाही राम भवन से शुरू हुई शोभायात्रा में लंका की सेना, ताड़का, साधुओं की कैद, शिव पूजा करते दशानंद की झांकियों ने लोगों का ध्यान खींचा। सबसे अंत में जगमगाते अश्व रथ पर सवार दशानन ने दोनों हाथों में तलवार लहराकर युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया।
बृहस्पतिवार की शाम 6 बजे तालाब वाली धर्मशाला से रावण की सवारी आधा दर्जन झांकियों सहित निकाली गई। सवारी तालाब वाली धर्मशाला से शुरु होकर सर्राफा बाजार, बल्देवगंज, हरदेवगंज, मेन बाजार, सब्जी मंडी, घंटाघर, पुरानी जीटी रोड, एएन फ्लैक्स गैलरी के सामने होती हुई, बस स्टैंड, अग्रसेन मार्ग, भगवती रोड होती हुई धर्मशाला पर समाप्त हुई। सवारी देखने के लिए महिला, पुरुष, बच्चे, बुजुर्ग उमड़ पड़े।
सवारी में बैंड-बाजों की मधुर धुनें सभी का मन मोह रही थी। जगमगाती रोशनी के बीच अश्व रथ पर खड़े रावण ने तलवार लहराकर युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। उसका रौद्र रूप, अट्टहास और भव्य शृंगार देखने के लिए बाजारों में लोग देर तक रुके रहे। बच्चों में भयमाता चक्की चलाते हुए और दशानन के स्वरूप को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। इस दौरान समन्वयक राहुल जैन कामियां, संयोजक खगेंद्र सिंह, अध्यक्ष गिर्राज चौधरी, हैप्पी अग्रवाल, अनुराग तायल, नवल अग्रवाल, देवेश त्यागी, विजय शर्मा आदि साथ चल रहे थे।