पीड़ित सतेंद्र पुत्र दुलीचंद ने बताया कि अमूमन उनका परिवार छत पर बने कमरे में ही सोता है, जहां सारा कीमती सामान रखा रहता है। लेकिन बच्चा बीमार होने के कारण उसे ठंड से बचाने और देखभाल की सुविधा के लिए पूरा परिवार नीचे के कमरों में सो गया था। चोरों ने इसी का फायदा उठाकर छत के रास्ते कमरे में प्रवेश किया और कुंडी तोड़कर अलमारी को खंगाल डाला।
सत्येंद्र की पत्नी चार दिन पूर्व ही अपने मायके से लौटी थीं, जिसके कारण घर में सभी जेवरात रखे हुए थे। चोरी गए सामान में सोने के आभूषण एक हार, दो झुमकी, चार चूड़ियां, चार लेडीज और चार जेंट्स अंगूठी, एक पेंडल, दो चैन, एकांकी टोकस, नाक की बाली और 1 मंगलसूत्र, चांदी की आठ जोड़ी पायल, चार जोड़ी बिछिया, बच्चे का 'ओम', लगभग 80,000 रुपये नकद चोरी कर ले गए।
सुबह जब परिवार के सदस्य ऊपर पहुंचे तो कमरे का नजारा देख उनके होश उड़ गए। सामान बिखरा पड़ा था और तिजोरी खाली थी। सूचना मिलते ही जैंत थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से फिंगरप्रिंट्स और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। सत्येंद्र सिंह ने पुलिस को लिखित तहरीर दे दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।