वृंदावन। चैतन्य विहार निवासी एक हार्डवेयर की दुकान चलाने वाले कारोबारी साइबर ठगी का शिकार हो गए। खुद को सैनिक बताकर एक अज्ञात व्यक्ति ने 42,495 रुपये की धोखाधड़ी कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पीड़ित गिर्राज सिंह के अनुसार, 30 जुलाई की सुबह उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम मंजीत सिंह बताया और खुद को सेना में तैनात बताया। उसने कहा कि वह मथुरा में पोस्टेड है और टैंक चौराहा के लिए पीओपी के 400 बैग का ऑर्डर दिया। अगले दिन गिर्राज सिंह ने ऑर्डर के मुताबिक माल भिजवा दिया।
चौराहा पर ड्राइवर से मिलने आए एक अज्ञात व्यक्ति ने आर्मी एरिया में पास बनवाने के बहाने ड्राइवर का आधार कार्ड व्हाट्सएप पर मंगाया। फिर दुकानदार को कॉल कर बताया कि गलती से भुगतान दो बार हो गया है और एक बार की रकम वापस कर दें। दुकानदार ने भरोसा कर कई बार में कुल 42,495 रुपये ऑनलाइन भेज दिए, लेकिन जब गिर्राज सिंह ने दोबारा फोन कर ठगी की जानकारी देने की कोशिश की तो सामने वाले ने कॉल उठाना बंद कर दिया। पीड़ित पहले जैंत थाने पहुंचे, लेकिन घटना वृंदावन कोतवाली क्षेत्र की होने के कारण उन्हें वहां भेज दिया गया। अब वृंदावन कोतवाली पुलिस ने तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।