देवराहा बाबा आश्रम को बाढ़ से बचाने के लिए जेसीबी काम करते हुए
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वृंदावन (मथुरा)। यमुना के जल से निरंतर खतरे में रहने वाले ब्रह्मऋषि देवरहा बाबा आश्रम को बचाने की पहल प्रदेश सरकार ने की है। करीब छह करोड़ की लागत से परियोजना पर काम शुरू हो गया है।
ब्रह्मऋषि आश्रम वृंदावन में यमुना के तट पर स्थित है। यहां यमुना का जल निरंतर बहता रहता है। बाढ़ आने पर पानी ऊपर आश्रम तक पहुंच जाता है। इससे कई बार आश्रम पर भी संकट के बादल मंडराते देखे गए हैं। इस स्थिति में यमुना के जल से आश्रम को सुरक्षित करने के लिए अपरखंड आगरा कैनाल ने छह करोड़ की लागत वाली परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। यह परियोजना यमुना के अप स्ट्रीम में यमुना के कटान को रोकने का काम करेगी। इसके अंतर्गत पांच बोल्डर स्टैंड और चार परक्यूपाइल बनाए जाएंगे।
- वृंदावन स्थित ब्रह्मऋषि देवरहा आश्रम यमुना किनारे बना हुआ है। यहां निरंतर पानी का बहाव होने के कारण यमुना के तटों के कटान से स्थिति चिंताजनक थी। इसे देखते हुए यमुना के अप स्ट्रीम में कटान निरोधक कार्य परियोजना स्वीकृत की गई है। इस पर करीब छह करोड़ की लागत आ रही है।
- संजीव तिवारी, सहायक अभियंता, अपरखंड आगरा कैनाल, मथुरा।
कुंभ मेला से पहले होगा काम पूरा
प्रदेश सरकार ने इस योजना को वृंदावन कुंभ मेला से पहले पूरा करने को कहा है। इससे यमुना के घाट का लुक भी आ सके। करीब दो दशक पहले भी इस आश्रम को बचाने के लिए ऐसी ही परियोजना अमल में लाई गई थी।
40 मीटर का बनेगा घाट
ब्रह्मऋषि आश्रम के समक्ष ही ब्रज तीर्थ विकास परिषद करीब 40 मीटर का घाट बनाने जा रही है। इस घाट के साथ ही इसे जोड़ने के लिए एप्रोच मार्ग का निर्माण भी किया जाएगा। इस पर करीब चार करोड़ की लागत आ रही है।