फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राचीन मंदिरों की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि जानेंगे कान्हा के भक्त

विज्ञापन
विज्ञापन
वृंदावन (मथुरा)। श्रीबांकेबिहारी के दर्शन को वृंदावन आने वाले श्रद्धालु अब यहां के मंदिरों की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को भी जानेंगे। यह संपूर्ण जानकारी कान्हा के भक्तों को पंडा-पुरोहित ही देंगे। इसकी तैयारी ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने शुरू कर दी है।
विज्ञापन

पर्यटन विभाग के आकलन के मुताबिक करीब चार करोड़ श्रद्धालु प्रति वर्ष वृंदावन में दर्शन को आते हैं। इसमें अधिकांश का केंद्र श्रीबांकेबिहारी के दर्शन तक सीमित रहता है। इन भक्तों को अब वृंदावन के अन्य प्राचीन मंदिरों तक पहुंचाने की पहल तीर्थ विकास परिषद ने की है। योजना है कि वृंदावन के तीर्थ पुरोहितों के माध्यम से श्रद्धालुओं तक सभी तथ्यात्मक जानकारी पहुंचे। जिससे यहां आने वाले लोग वृंदावन को जान सकें। यहां के मंदिर, उपासना, संस्कृति से भी परिचित हों। इसके लिए तीर्थ विकास परिषद वृंदावन पंडा-पुरोहितों को प्रशिक्षित करने की तैयारी में है। इस कड़ी में फिलहाल 11 सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया है, जो वृंदावन के आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की बुकलेट तैयार करेगी।
कमेटी गठित...
डॉ. श्रीवत्स गोस्वामी, डॉ. उमेश शर्मा, ब्रज भूषण चतुर्वेदी, राजेश शर्मा, सीएल भट्ट, डॉ. गोविंद कृष्ण, कपिल देव, अनघा श्रीनिवासन, आदित्य चौधरी।
- वृंदावन में करीब एक हजार से अधिक पंडा-पुरोहित हैं, जिन्हें प्रशिक्षण और रजिस्टर्ड किए जाने की पहल हो रही है। पंडा-पुरोहित का पहनावा एक समान हो। परिचय पत्र भी दिए जाएं। इसकी पहल तीर्थ विकास परिषद ने की है। - कपिल देव उपाध्याय, पंडा पुरोहित समाज वृंदावन।
विज्ञापन

- वृंदावन के सभी मंदिरों तक श्रद्धालुओं को ले जाने की कोशिश तीर्थ विकास परिषद द्वारा की जा रही है। इसके लिए यहां के पंडा-पुरोहितों का सहयोग लिया जाएगा। वृंदावन के आध्यात्मिक और पंडा-पुरोहित समाज से वार्ता की गई है। - नगेंद्र प्रताप, सीईओ, ब्रज तीर्थ विकास परिषद मथुरा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें