मथुरा के गांव छौली निवासी दिलीप कुमार सिकरवार सीआरपीएफ की 127वीं बटालियन में उड़ीसा में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया। जिसके बाद उनके पैतृक गांव में पार्थिव शरीर को लाया गया। यहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ।
मथुरा के बलदेव ब्लॉक के गांव छौली निवासी दिलीप कुमार सिकरवार सीआरपीएफ की 127वीं बटालियन में हवलदार पद पर उड़ीसा में तैनात थे। दो दिन पहले ड्यूटी करते समय तबीयत खराब हो गई। ह्रदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से गांव और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार को गांव छौली में उनका शव आया तो भारत माता की जय, सैनिक दिलीप कुमार सिकरवार अमर रहें की गूंज गूंजती रही। सैनिक के अंतिम दर्शनों व शवयात्रा में काफी लोगों ने भाग लिया।
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उनका अंतिम संस्कार पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सीआरपीएफ टुकड़ी ने शस्त्र उल्टे करके सलामी दी। प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार साविका शर्मा ने सलामी दी। मुखाग्नि बड़े पुत्र गौरव ने दी। परिजनों को सीआरपीएफ टुकड़ी ने तिरंगा सौंपा, तो सभी की आंखों से अश्रु धारा बहने लगी।
चचेरे भाई अनुज सिकरवार लेफ्टीनेंट कर्नल ने बताया चार भाइयों में दिलीप कुमार सिकरवार तीसरे नंबर के थे। इनके बड़े भाई समुन्द्र सिंह भी 1999 में शहीद हुए थे। इनकी शादी 21 वर्ष पूर्व अल्हेपुर राया की मीना देवी के साथ हुई थी। इनके दो पुत्र बड़ा पुत्र सौरभ आर्मी में आसाम रायफल में अरुणाचल प्रदेश में तैनात हैं। दूसरा पुत्र गौरव पढ़ाई के साथ फौज की तैयारी कर रहा है।