मोक्षदा एकादशी पर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे पुलिस और सुरक्षाकर्मी भी असहाय ही नजर आ रहे थे। पुलिस ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए अटल्ला कट और रमणरेती कट पर श्रद्धालुओं को रोककर आगे बढ़ाया।
मोक्षदा एकादशी पर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। मंदिर में दर्शन करने में श्रद्धालुओं के सर्दी में भी पसीने छूट गए। भीड़ में फंसी दो महिलाओं को तो चक्कर आ गए। गलियों में भी घंटों तक लोग मंदिर में जाने का इंतजार करते रहे। वहीं एकादशी पर लोगों ने यमुना स्नान कर परिक्रमा भी लगाई।
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यूं तो मोक्षदा एकादशी पर भोर से ही भीड़ देखी जा रही थी। परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की संख्या से मंदिर में होने वाली भीड़ का अंदाजा लगाया जा रहा था, लेकिन शाम को श्रीबांकेबिहारी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से शाम तक दर्शन को उमड़े श्रद्धालुओं के कारण मंदिर प्रांगण के साथ ही गलियां भी ठसाठस भरी रहीं।
शाम सात बजे तक मंदिर में पैर रखने की जगह नहीं थी। लोगों ने जैसे-तैसे ठाकुरजी के दर्शन किए। भीड़ के आगे पुलिस और सुरक्षाकर्मी भी असहाय ही नजर आ रहे थे। पुलिस ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए अटल्ला कट और रमणरेती कट पर श्रद्धालुओं को रोककर आगे बढ़ाया। वहीं सुबह हजारों भक्तों ने यमुना तट पर पावन जल में डुबकी लगाकर पंचकोसीय परिक्रमा भी की। ढोल, मृदंग और मजीरों की धुन पर राधानाम जपते भक्तों के समूह निरंतर आगे बढ़ते रहे। पूरे परिक्रमा मार्ग में राधे-राधे और जय श्री हरि के जयकारे गूंजते रहे।