महावन। सावन के दूसरे सोमवार को यमुना तट स्थित प्राचीन चिंताहरण महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कृष्णकालीन इस मंदिर में तड़के दो बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध और जल से भगवान शिव का अभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित किए।
कांवड़िए भी गंगाजल लेकर मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से व्यवस्थाएं की गईं।
चिंताहरण महादेव की पूजा से चिंताओं का हरण और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। मंदिर प्रबंधन की ओर से व्यवस्थापक अनिल पंडित, महंत श्री केशव दास महाराज, पुजारी अनिल पंडित, गोपाल पांडेय, ऋतुराज पंडित, अतुल यादव, धवल सारस्वत, कौशल, माधव, मुकेश, राहुल, सुमित आदि मौजूद रहे।