फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों पर फिर आसमान से आफत की बारिश

Mon, 09 Mar 2015 12:02 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
विज्ञापन
विज्ञापन
बेमौसम बरसात और तेज हवाओं ने किसान को बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया है। शनिवार देर रात फिर तेज आंधी के साथ बूंदाबांदी से देहात अंचल में छाता, चौमुंहा, मांट, सौंख, गोवर्धन, राया क्षेत्र में फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद थोड़ी बहुत बची फसल भी चौपट हो गई। पकी खड़ी गेहूं और जौ की फसल खेतों में बिछ गई है। कटी पड़ी सरसों की फली भीग गई। इससे गेहूं, जौ और सरसों के उत्पादन पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। आलू में तना (आल) कटने के बाद खेतों में पानी भरने से सड़ने की संभावना बढ़ गई है। बारिश के चलते इसकी खोदाई नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन



जिले में फसलों का रकबा
-जिले में दो लाख हेक्टेयर में है हुई है गेहूं क ी बुवाई
-40 हजार हेक्टेयर में की गई है सरसों की फसल
-15 हजार हेक्टेयर में किसानों ने की है आलू की खेती
-पांच हजार हेक्टेयर जमीन में खड़ी है जौ की फसल

नुकसान के आकलन में जुटा कृषि विभाग
एक मार्च को हुई बरसात के बाद कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार गेहूं में 20 से 25 फीसदी, सरसों में 15 से 20 प्रतिशत, आलू में 15 से 20 और जौ में पांच से 10 प्रतिशत तक के नुकसान का अनुमान है। शनिवार को हुई बरसात के बाद कृषि विभाग एक बार फिर नुकसान के आकलन की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गया है।

अब तक नहीं मिली सूखा राहत राशि
मथुरा। वर्ष 2014 में जिले में पड़े सूखा के बाद जिला प्रशासन ने जो रिपोर्ट तैयार की है उसमें 34.5 हजार लघु और सीमांत किसानों के लिए 31.12 करोड़ रुपये और 4145 बड़े किसानों के लिए 2.57 करोड़ रुपये की सूखा राहत राशि का प्रस्ताव भेजा था, जो अभी तक शासन में लंबित है।
विज्ञापन


बेमौसम बरसात और तेज हवा से गेहूं, सरसों, जौ, आलू की फसलों को नुकसान हुआ है। शनिवार को हुई बरसात के बाद खेतों में नुकसान के आकलन की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
विज्ञापन

- राकेश बाबू, उपकृषि निदेशक, मथुरा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें