विद्युत अव्यवस्था के खिलाफ महिला उपभोक्ताओं ने शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन एसडीओ दफ्तर पर हंगामा किया। पुलिस के सामने लाठी-डंडों से कर्मचारियों को पीटा, तीन घायल हैं। तोड़फोड़ की और दफ्तर में आग लगाने का प्रयास किया। काफी देर तक हंगामे के बाद भीड़ चली गई तो अधिकारी पहुंचे।
शुक्रवार की दोपहर बड़ी संख्या में मीना नगर निवासी महिलाएं लाठी-डंडों के साथ एसडीओ कार्यालय पर पहुंची और प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं का कहना था कि उनके फीडर को देहात से जोड़ दिया है, उन्हें बिजली नहीं दी जा रही है। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। इधर काफी देर तक अधिकारियों के मौके पर न पहुंचने से आक्रोश बढ़ता गया। महिलाएं कर्मचारियों पर लाठी-डंडे लेकर टूट पड़ीं।
कर्मचारी राहुल की पिटाई की, बड़े बाबू मोहन गुप्ता, वेद प्रकाश के कपड़े फाड़ दिए। उनसे मारपीट भी की। कार्यालय में जो सामान मिला तोड़ दिया। दफ्तर के बाहर खड़ी बाइक में भी तोड़फोड़ की। बाइक को आग लगाने का प्रयास किया लेकिन अन्य लोगों ने उनको रोक दिया। इसके बाद कोसी-नंदगांव रोड को भी जाम कर दिया। हंगामे के दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी रही।
काफी देर तक हंगामे के बाद भीड़ लौट गई। तब एक्सईएन एके त्यागी, एसडीओ आरके पांडेय और जेई वीके शुक्ला मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को प्राथमिक उपचार दिलवाया। मामले को लेकर उन्होंने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है। एसडीओ ने कहा कि फीडर में सुविधा बढ़ाई गई थी न कि उसे देहात से जोड़ा गया। यह निंदनीय है। विद्युत अधिकारियों की ओर से उपद्रवियों के खिलाफ तहरीर दिए जाने की कार्रवाई की जा रही थी।
न्याय मिलने तक बाधित रहेगी विद्युत आपूर्ति
एसडीओ आरके पांडेय ने कहा कि यह सब ओछी राजनीति का परिणाम है। हमने लोगों की सहूलियत के लिए एक फीडर से दो फीडर बनाए हैं। लेकिन इस सुविधा पर भी कर्मचारियों के साथ पुलिस के सामने मारपीट और लूटपाट को सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि दफ्तर में दो लाख रुपये, दो कंप्यूटर, पानी की टंकी और सभी खिड़कियों को तोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा किसी भी फीडर पर आपूर्ति नहीं की जाएगी।