रिफाइनरी की पाइप लाइन से तेल चोरी करने वाले तेल माफिया के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
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सौ करोड़ से अधिक की तेल चोरी के मामले में एसएसपी ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय को पत्र भेजकर मथुरा रिफाइनरी के अधिकारियों की विजिलेंस जांच कराने की सिफारिश की है। पुलिस भी रिफाइनरी के अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है। उनके नंबर सर्विलांस पर लगाए जा रहे हैं। उनकी कॉल डिटेल भी खंगाली जाएगी। मामले में फरार चल रहे 13 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्वाट टीम, रिफाइनरी व हाइवे पुलिस ने फरीदाबाद, आगरा, मथुरा, भरतपुर में दबिश दी। हालांकि पुलिस के हाथ कोई नहीं लगा।
जालंधर पाइप लाइन से तेल चोरी का खुलासा होने के बाद तेल माफियाओं के नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस को कई ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिसके आधार पर रिफाइनरी के अफसर भी जांच के घेरे में आ रहे हैं। पुलिस ने उनके संबंध में जांच शुरू कर दी है। एसएसपी मोहित गुप्ता ने बताया कि पंपिंग की सुरक्षा में रहने वाले कर्मचारी और अधिकारियों की जिम्मेदारी रहती है। लिहाजा उनसे भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने साल 2015 से लेकर अब तक पंपिंग, सुरक्षा, पेट्रोलिंग करने वाले कर्मचारी और अफसरों की पूरी जानकारी रिफाइनरी प्रशासन से मांगी है। एसएसपी ने इस संबंध में पेट्रोलियम मंत्रालय को भी पत्र लिखा है। पत्र में रिफाइनरी के अधिकारियों की विजिलेंस जांच कराने की सिफारिश की गई है।
वहीं, लगातार तीन दिन से मथुरा पुलिस की दबिश के चलते कुछ आरोपियों के परिवारीजन भी घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। माना जा रहा है कि आरोपी अब भूमिगत हो गए हैं। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि फरीदाबाद समेत कई स्थानों पर आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी गई हैं। जल्द ही यह सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। चाहे वो कितने भी रसूखदार क्यों न हो।