संकल्प आनंद सुइसाइड केस में एक-एक कर अब विवेचना आगे बढ़ रही है। 250 करोड़ के घोटाले में फंसाने पर संकल्प आनंद दंपति द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में नामजद दो लोगों ने क्राइम ब्रांच के सामने अपना पक्ष रखा है।
बीते साल 15 अक्तूबर को हुए इस प्रकरण में यूपी पुलिस के डीजी कमलेंद्र और डीआईजी संदीप मित्तल सहित 38 लोगों के खिलाफ संकल्प को 250 करोड़ रुपये के घोटाले में फंसाने और दंपति को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप की रिपोर्ट दर्ज है।
मामले की विवेचना कर रही क्राइम ब्रांच ने सभी नामजदों को अपना पक्ष रखने को कहा है। सोमवार को नई दिल्ली के एसडी ऐरिया निवासी एमके डागा ने अपने बयान लिखी पत्रावली कोरियर से क्राइम ब्रांच को भेजी है। नई दिल्ली के विश्वकर्मा पार्क लक्ष्मीनगर निवासी इमरान खुद मथुरा क्राइम ब्रांच के सामने बयान दर्ज कराने पहुंचे। विवेचक ने उन्हें आठ सवालों से जवाब देने को कहा। इसके लिए इमरान ने एक सप्ताह का समय मांगा है।
डागा ने 95 लाख, इमरान ने लिए 1.20 करोड़
संकल्प आनंद दंपति की आत्महत्या के मामले की विवेचना कर रहे एसआई यशकांत सिंह ने बताया कि अब तक जुटाए तथ्यों में एमके डागा ने संकल्प आनंद से 95 लाख का लेनदेन किया था। बताया कि डागा ने यह राशि लोकनायक जयप्रकाश नारायण अपराध विधि विज्ञान संस्थान के डीआईजी संदीप मित्तल को संस्थान में मरम्मत और अन्य कार्य कराने के एवज में दिए थे।
इसके एवज में पांच लाख रुपया डीआईजी ने डागा को वापस कर दिए। वहीं इमरान पर संकल्प आनंद से एक करोड़ 20 लाख रुपये लेने का आरोप है। विवेचक ने पूछा है कि यह पैसा संकल्प से किस मद में लिया गया। इसके अलावा संकल्प की डायरी में भी 50 हजार अलग से लेने की एंट्री मिली है।