नगर में छीपी गली स्थित प्राचीन निंबार्क कोट के मंदिर से डेढ़ सौ वर्ष से अधिक पुरानी नारद और गोपालजी की मूर्ति चोरी हो गई। मंदिर सेवायत ने मामले की तहरीर कोतवाली में दी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना के संबंध में कई लोगों से पूछताछ की।
सेवाधिकारी गोस्वामी वृंदावन बिहारी के अनुसार शुक्रवार को सुबह 7:30 बजे उन्होंने मंदिर की मंगला आरती की। इसके बाद ठाकुरजी का शृंगार किया। सेवाधिकारी ने बताया कि सुबह 10 बजे शृंगार दर्शनों के बाद वे ठाकुरजी का भोग लगा रहे थे।
करीब 10:15 बजे मंदिर से घर की ओर आए और दस मिनट के बाद लौटे तो दस इंच की अष्ट धातु से निर्मित नारदजी और गोपालजी की मूर्ति वहां नहीं थी। ठाकुरजी को स्नान कराने वाले चांदी और पीतल के पात्र भी गायब दिखे। इस पर बिहारी गोस्वामी ने छोटे बेटे गोपाल गोस्वामी को आवाज देकर घर से बुलाया और मूर्तियों के संबंध में जानकारी की।
सूचना पर पहुंचे एसओ वृंदावन ने मौका मुआयना कर जांच शुरू कर दी है। वृंदावन बिहारी के अनुसार 90 वर्ष से उनका परिवार मंदिर में सेवा करते आ रहे हैं। शृंगार दर्शनों के बाद वे भोग लगाने के लिए घर के अंदर गए तभी किसी ने घटना को अंजाम दिया। मौके पर मंदिर के सामान के अलावा एक आरती भी मिली है। आशंका है कि चोर कहीं और भी चोरी की घटना को अंजाम देकर आया और अपना सामान यहां छोड़ गया। मंदिर के सामने दुकान पर बैठी महिला ने कंबल ओढ़े एक व्यक्ति को 10:15 बजे मंदिर में प्रवेश करते देखने की बात भी बताई। पुलिस सभी पहलुओं पर विचार कर रही है।
पूर्व में भी हो चुकी हैं घटनाएं
- 10 दिसंबर 2006 को चरखारी वाले मंदिर से राधा कृष्ण की लगभग पचास किलो ग्राम की अष्टधातु की मूर्तियां चोरी
- 11 जनवरी 2007 को चीर घाट बड़ा रासमंडल से श्रीजी के लगभग दस तोले सोने की बांसुरी और स्वर्ण व रजत निर्मित आभूषण चोरी
- 11 फरवरी 2007 को केशी घाट स्थित गोकुलानंद मंदिर से ठाकुरजी के आभूषण चोरी
- 29 जून 2007 को किशोरपुरा स्थित श्रीकृष्ण चैतन्य मठ से ठाकुरजी का 500 ग्राम चांदी का छत्र चोरी
- 6 मई 2008 को रामानुजनगर राधाकृष्ण मंदिर से गौर निताई की अष्टधातु की मूर्ती चोरी
- 1 अप्रैल 2009 को गौरानगर गोविंद कुंड स्थित गौर विनोद कुंज के मंदिर से राधा कृष्ण की अष्ट धातु निर्मित मूर्ति और काले पत्थर की श्रीकृष्ण की मूर्ती चोरी