वंशीवट क्षेत्र के निर्वाणी अखाड़े के महंत विश्वंभरदास ने आश्रम से चोरी के आरोप में अपने यहां रह रहे एक विद्यार्थी को पुलिस के हवाले कर दिया। तलाशी में उसके पास से आश्रम से चुराया गया सामान बरामद हुआ है। उसके एक दोस्त को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
महंत के बताए अनुसार दो माह पूर्व मध्य प्रदेश के रीवा निवासी संतोष द्विवेदी आश्रम में रहने आया। उसने अपने कार्य से सभी का विश्वास जीत लिया। शुक्रवार को संतोष आश्रम से बैग लेकर निकल रहा था तो महंत विश्वंभरदास ने उसे देख लिया। उन्हें शक हुआ तो पूछताछ की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बैग की तलाशी ली तो सोने के दो कुंडल, दो अंगूठी, सोने के दो गाय के खुर, चांदी की पूंछ मिले।
महंत ने मंदिर में रखे सामान का मिलान किया तो सभी सामन मिल गया, लेकिन 50,000 रुपये नहीं मिले। पुलिस पूछताछ में संतोष ने बताया कि उसने 50000 रुपए चैतन्य विहार कालोनी निवासी अपने मित्र रोहित को दिए हैं। पुलिस रोहित को पकड़ लाई और उससे 10000 रुपये बरामद कर लिए।
इधर, नगर के सराफा बाजार निवासी उमेश अग्रवाल के घर शुक्रवार रात चोर खिड़की तोड़कर घुस आए। अलमारी का लाकर तोड़ने का प्रयास कर रहे थे तभी लोग जाग गए। इस पर चोर भाग गए।