सदर तहसील पर हमला होने के बाद कर्मचारी संगठनों ने सामूहिक रूप से हड़ताल का एलान कर दिया है। तहसील कर्मचारियों ने कार्यालय में ताले डालते हुए जिला स्तरीय हड़ताल शुरू कर दी, जिसे अधिवक्ता और अन्य कर्मचारी संगठन समर्थन दे रहे हैं।
सोमवार को दोपहर बाद करीब 3:15 बजे अचानक हुए हमले के बाद कर्मचारी और अधिवक्ताओं में तीखा आक्रोश है। इस आक्रोश का सामना घटना के बाद सदर तहसील परिसर पहुंचे एडीएम वित्त और सिटी मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस अफसरों को भी झेलना पड़ा।
आक्रोशित कर्मचारी और अधिवक्ता प्रशासन के खिलाफ ही नारेबाजी करने लगे। अफसर मारपीट का शिकार हुए लेखपाल और अधिवक्ताओं से मेडिकल और रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कह रहे थे। इस पर लेखपाल और अधिवक्ता उखड़ गए। उन्होंने कहा कि अब तक उद्यान विभाग के कर्मचारी 12 रिपोर्ट दर्ज करा चुके हैं।
सरकारी संपत्ति कब्जा ली गई है। हाईकोर्ट का आदेश इसे खाली कराने का है। इस पर अब तक क्या कार्रवाई हुई जो हमारी रिपोर्ट पर होगी। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष चौधरी वीरेन्द्र सिंह ने जिला स्तरीय हड़ताल की घोषणा करते हुए कहा कि जवाहर बाग खाली होने तक कार्यालय बंद रहेंगे। अन्य कर्मचारी संगठन भी उनके साथ आ गए हैं।
किशोर न्याय बोर्ड कार्यालय पर हुआ पथराव
सोमवार को सदर तहसील परिसर में स्थित किशोर न्यायिक बोर्ड कार्यालय पर भी पथराव किया गया। इस दौरान यहां खड़ी बोर्ड की सदस्य शशि बाला गुप्ता की गाड़ी तोड़ दी गई। कार्यालय कर्मियों के साथ मारपीट की।
इसके अलावा तहसील परिसर में उपद्रवियों के हमले का शिकार बने स्टांप विक्रेता मुलायम सिंह ने बताया कि वह परिसर में काम कर रहे थे कि एक युवक ने उन पर हमला बोल दिया। उनके हाथ में चोट आई है। लेखपाल नितिन चतुर्वेदी, अधिवक्ता हाकिम सिंह, मनोज वर्मा, गोपाल अग्रवाल के अलावा तहसील पहुंचे वादकारी भी हमले का शिकार हुए। बाइक भी क्षतिग्रस्त की गईं।