डा. भीमराव अंबेडकर जयंती पर देश भर में होने वाले कार्यक्रमों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बढ़चढ़ कर भाग लेगा। इतना ही नहीं संघ के स्वयंसेवक अगले दिन जगह-जगह जयंती समारोह आयोजित कर समाज को राष्ट्रीय एकता और अखंडता के साथ समरसता का पाठ भी पढ़ाएंगे।
केशवधाम वृंदावन के निदेशक ललित ने बताया कि डा. भीमराव अंबेडकर केवल दलित समाज के ही नेता नहीं हैं बल्कि भारत के उन महापुरुषों में से एक हैं जिन्होंने भारतीय राजनीति के साथ समाज को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि आरएसएस हमेशा से ही डा. अंबेडकर की नीतियों और सिद्धांतों का पक्षधर रहा है। इस बार देश भर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ डा. अंबेडकर की जयंती पर उनके सिद्धांतों और नीतियों को प्रसारित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगा।
14 अप्रैल को दलित समाज की ओर से जगह-जगह आयोजित होने वाले डा. अंबेडकर जयंती समारोह में आरएसएस के स्वयंसेवक न केवल सहभागी बनेंगे बल्कि सहयोगी की भूमिका में भी नजर आएगे। 14 अप्रैल को निकलने वाली डा. अंबेडकर शोभायात्रा में भी स्वयंसेवक बढ़चढ़ कर भाग लेंगे। 15 और 16 अप्रैल को स्वयंसेवक अपने स्तर से भी जगह-जगह डा. भीमराव अंबेडकर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विचार गोष्ठी का आयोजन करेंगे। जयंती समारोह के साथ समरसता भोज के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।